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कारोबारी की हत्या पर गरमाई गोंडा की सियासत, अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे मंत्री

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डीएम ने जमीन पर बैठकर सुनी बात, थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित

गोंडा। बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की हत्या ने गोंडा की सियासत में उबाल ला दिया है। शुक्रवार को मामला उस वक्त और चर्चा में आ गया, जब लखनऊ से गोंडा पहुंचे मंत्री डॉ. संजय निषाद कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए। मंत्री जमीन पर बैठे थे और पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे थे। इसी बीच डीएम प्रियंका निरंजन मौके पर पहुंचीं। उन्होंने मंत्री को जमीन पर बैठे देखा तो खुद भी वहीं बैठ गईं और उनकी बात सुनी। दोनों के बीच हुई बातचीत के बाद डीएम ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद मंत्री ने धरना समाप्त कर दिया।

मंत्री ने इसके बाद मृतक कारोबारी के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

सोशल मीडिया पोस्ट बना विवाद की वजह

मामला बुधवार शाम का है। बर्तन कारोबारी विनोद साहनी को सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट को लेकर कुछ लोगों ने कथित तौर पर घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। हमले में विनोद गंभीर रूप से घायल हो गए। हालत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

गुरुवार देर रात करीब एक बजे विनोद का पार्थिव शरीर एंबुलेंस से उनके गांव रेक्सड़िया पहुंचा। शव पहुंचते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई। माहौल को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

शव रखकर परिजनों का विरोध

परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई से नाराज होकर शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। शुक्रवार दोपहर तक शव घर पर ही रखा रहा। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार लोगों से बातचीत करते रहे।

इधर, मंत्री संजय निषाद भी गुरुवार शाम से ही इस मामले को लेकर मुखर थे। लखनऊ में धरना देने के बाद वह शुक्रवार सुबह गोंडा पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और बाद में कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए।

मंत्री जमीन पर बैठे तो डीएम भी वहीं बैठ गईं

कलेक्ट्रेट में मंत्री के धरने की जानकारी मिलते ही डीएम प्रियंका निरंजन मौके पर पहुंचीं। मंत्री को जमीन पर बैठा देख डीएम ने कुर्सी पर बैठने के बजाय खुद भी जमीन पर बैठकर उनसे बातचीत की। उन्होंने मंत्री की मांगें सुनीं और मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

डीएम के आश्वासन के बाद मंत्री ने धरना खत्म कर दिया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों को और चर्चा में ला दिया।

थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित

मामले में पुलिस की कथित लापरवाही भारी पड़ी है। एसपी अभिषेक ने बताया कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में परसपुर थाना प्रभारी उप निरीक्षक कमला शंकर चतुर्वेदी, शाहपुर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अंकित सिंह और कांस्टेबल अभिमन्यु भारती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। वहीं, कोंडरे थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल राय को परसपुर थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तीसरा आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़ा

पुलिस ने मामले में तीसरे आरोपी आकाश सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के मामले में 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब पुलिस आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

चर्चा में आया डीएम का अंदाज

मंत्री के सामने जमीन पर बैठकर बातचीत करने वाली डीएम प्रियंका निरंजन का अंदाज भी चर्चा का विषय बन गया है। 2013 बैच की आईएएस अधिकारी प्रियंका निरंजन मूल रूप से जालौन जिले की गरौठा तहसील की रहने वाली हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और अर्थशास्त्र में परास्नातक की पढ़ाई की है।

उन्होंने वर्ष 2008 में सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और पांच प्रयासों के बाद सफलता हासिल की। उनके पिता ठेकेदार और मां गृहिणी हैं। जालौन की नून नदी को पुनर्जीवित करने के लिए उनके प्रयासों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सराहना कर चुके हैं। उनके पति मनीष सिंह आईपीएस अधिकारी हैं।

फिलहाल विनोद साहनी हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई जारी है। एक ओर आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और मंत्री के धरने ने इस मामले को गोंडा की राजनीति के केंद्र में ला दिया है।

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