पति, सास, देवर और देवरानी पर हत्या का आरोप, मौत से पहले मां को किया था फोन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार; पुलिस हर पहलू की कर रही जांच
लखनऊ। यूपी की राजधानी के पारा थाना क्षेत्र में तैनात एक दरोगा की पत्नी की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 35 वर्षीय विनीता सिंह की मौत के बाद मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसे लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था और आखिरकार जहर देकर उसकी हत्या कर दी गई। मृतका के भाई ने पति, सास, देवर और देवरानी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
दरोगा पति और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप
पुलिस के अनुसार, 31 जुलाई को गाजियाबाद निवासी विनय कुमार सिंह ने पारा थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनकी बहन विनीता सिंह की मौत स्वाभाविक नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। शिकायत में विनीता के पति अवनीश कुमार, जो लखनऊ के कैंट थाने में उपनिरीक्षक (SI) के पद पर तैनात हैं, के साथ अन्य ससुरालियों पर प्रताड़ित करने और जहर देकर मौत के घाट उतारने का आरोप लगाया गया है।
घर में बेहोश मिली, अस्पताल पहुंची लेकिन नहीं बच सकी
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, 30 जुलाई की शाम विनीता की तबीयत बिगड़ने के बाद ससुराल पक्ष उन्हें इलाज के लिए एरा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लेकर पहुंचा। इस दौरान मायके पक्ष को भी सूचना दी गई।अस्पताल प्रशासन की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, विनीता को रात करीब 7:50 बजे अस्पताल लाया गया था। परिजनों ने उस समय बताया कि वह घर में बेहोशी की हालत में मिली थीं। इलाज शुरू किया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी मौत हो गई। अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
मायके वाले पहुंचे तो हो चुकी थी मौत
31 जुलाई को जब गाजियाबाद से मायके पक्ष अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों ने विनीता को मृत घोषित कर दिया। भाई का आरोप है कि उस समय अस्पताल में ससुराल पक्ष का कोई सदस्य मौजूद नहीं था, जिससे परिवार का शक और गहरा गया।
‘शराब पीकर आया था पति, फिर हुआ झगड़ा’
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि घटना से पहले पति-पत्नी के बीच शराब पीने को लेकर विवाद हुआ था। इसी के बाद विनीता के जहर खाने की बात सामने आई है। हालांकि यह पुलिस की प्रारंभिक जांच का हिस्सा है और इसकी पुष्टि अभी जांच एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों से होनी बाकी है।
13 वर्षीय बेटे ने बताई विवाद की बात
मृतका के भाई विनय का दावा है कि विनीता के 13 वर्षीय बेटे कार्तिक ने उन्हें बताया कि घटना वाले दिन उसके पिता शराब के नशे में घर आए थे। इसके बाद माता-पिता के बीच विवाद और मारपीट हुई। डर के कारण वह ऊपर के कमरे में चला गया और उसके बाद क्या हुआ, उसे इसकी जानकारी नहीं है।पुलिस ने सार्वजनिक रूप से इस बयान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामले में संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
’18 साल से झेल रही थी प्रताड़ना’
विनय कुमार सिंह के अनुसार, विनीता की शादी वर्ष 2008 में मेरठ के टीमकिया गांव निवासी अवनीश कुमार से हुई थी। शादी के बाद से ही उसे ताने, मारपीट और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था। कई बार दोनों परिवारों के बीच पंचायत भी हुई, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।उन्होंने आरोप लगाया कि अवनीश शराब के नशे में अक्सर विनीता के साथ मारपीट करता था और विनीता कई बार अपनी पीड़ा मायके वालों को बता चुकी थी।
मौत से पहले मां को किया था फोन
मृतका के भाई के अनुसार, घटना वाले दिन शाम करीब 7 बजे विनीता ने अपनी मां को फोन कर ससुराल में हो रही प्रताड़ना की जानकारी दी थी। बातचीत के दौरान अचानक फोन कट गया।करीब एक घंटे बाद ससुराल पक्ष के एक रिश्तेदार ने फोन कर बताया कि विनीता की हालत गंभीर है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब तक मायके वाले लखनऊ पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पोस्टमार्टम कराया गया, रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।पुलिस ने बताया कि मृतका के भाई द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ, उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण तथा अन्य तथ्यों का संकलन किया जा रहा है।पारा थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच (यदि आवश्यक हो) और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी, आरोपों की पुष्टि अभी नहीं
फिलहाल पुलिस ने किसी भी पक्ष के आरोपों की पुष्टि नहीं की है। मामला जांच के अधीन है और अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैज्ञानिक साक्ष्यों तथा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। इसलिए इस मामले में लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के दावे हैं, न कि स्थापित तथ्य।
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