महंगाई भत्ते और राहत में 3 प्रतिशत की वृद्धि से 1.17 करोड़ से अधिक कर्मचारियों-पेंशनभोगियों को लाभ, खेल सामग्री निर्माण से रोजगार और निर्यात बढ़ाने की तैयारी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिवाली का तोहफा देने के साथ देश के खेल उद्योग को मजबूत बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी तथा खेल सामग्री निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 1,856.67 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। इन फैसलों से जहां लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं खेल सामग्री के घरेलू उत्पादन, निवेश, निर्यात और रोजगार के नए अवसर पैदा करने का रास्ता खुलेगा।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिवाली का तोहफा
केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत में तीन प्रतिशत की वृद्धि की है। यह बढ़ोतरी एक जुलाई से प्रभावी मानी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस फैसले से 48.54 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। यानी कुल 1.17 करोड़ से अधिक लोग इस निर्णय से लाभान्वित होंगे। सरकार पर इससे प्रतिवर्ष 10,016.10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
महंगाई भत्ते और राहत में बढ़ोतरी का उद्देश्य महंगाई के प्रभाव को कम करने में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मदद देना है। त्योहारों के समय लिए गए इस फैसले से लाभार्थियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
खेल सामग्री उद्योग के लिए 1,856 करोड़ रुपये की योजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में खेल सामग्री के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ‘खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग’ योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के लिए 1,856.67 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसे 2026 से 2033-34 तक लागू किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य भारत में खेल सामग्री निर्माण का मजबूत तंत्र विकसित करना और वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना है। योजना के माध्यम से घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के साथ निवेश, अनुसंधान, नवाचार और निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।
योजना के तहत निवेश सहायता और उत्पादन बढ़ाने के लिए 1,130 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय खेल संघों से प्रमाणन प्राप्त करने के लिए 105 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
छोटे उद्योगों और युवाओं को भी मिलेगा अवसर
योजना में लघु एवं मध्यम उद्यमों, मौजूदा विनिर्माण समूहों और खेल सामग्री उत्पादन से जुड़े क्षेत्रों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और कौशल विकास को भी समर्थन दिया जाएगा।
सरकार भारतीय खेल सामग्री को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। इससे घरेलू उत्पादकों को नए बाजार मिलने, निवेश बढ़ने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
आर्थिक राहत के साथ उद्योग को मजबूती
केंद्र सरकार के दोनों फैसलों का असर अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई देने की उम्मीद है। महंगाई भत्ते और राहत में बढ़ोतरी से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आर्थिक सहायता मिलेगी, जबकि खेल सामग्री निर्माण योजना से घरेलू उद्योग को प्रोत्साहन मिल सकता है।सरकार की कोशिश है कि एक ओर कर्मचारियों को महंगाई से राहत मिले, वहीं दूसरी ओर देश में उत्पादन और रोजगार बढ़ाकर भारतीय उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाए।
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