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यूपी में निवेश की नई राह खोलेगा सिंगापुर, जेवर के पास ‘सिंगापुर सिटी’ बसाने का प्रस्ताव

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योगी सरकार के साथ 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक; 775 करोड़ के पैकेजिंग हब से 1,880 लोगों को मिलेगा रोजगार, खाद्य प्रसंस्करण और कचरा प्रबंधन में भी निवेश की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में योगी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करने की कोशिश तेज कर दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के नेतृत्व में आए 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। बातचीत में लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, खाद्य प्रसंस्करण, शहरी विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा।

सिंगापुर का यह प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फरवरी 2026 की सिंगापुर यात्रा के बाद उत्तर प्रदेश पहुंचा है। उस यात्रा के दौरान करीब 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर सहमति बनने की बात कही गई थी। अब राज्य सरकार का जोर इन प्रस्तावों को जमीन पर उतारने और उत्पादन शुरू कराने पर है।

‘एमओयू से मैन्युफैक्चरिंग’ तक सहयोग का भरोसा

प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश निवेशकों को सुरक्षित माहौल, स्थिर नीतियां और परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करना नहीं, बल्कि निवेश को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भी अपनी पुरानी ‘बीमारू’ छवि से निकलकर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला राज्य बना है। उनके अनुसार, प्रदेश की जीडीपी, वार्षिक बजट और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार निवेशकों को परियोजना की शुरुआत से लेकर उत्पादन तक सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

जेवर के पास ‘सिंगापुर सिटी’ बसाने की योजना

बैठक में मुख्यमंत्री ने जेवर एयरपोर्ट के आसपास समर्पित ‘सिंगापुर सिटी’ और आधुनिक औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क और ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ाव इस क्षेत्र को उत्तर भारत के प्रमुख लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन केंद्र के रूप में विकसित करने की क्षमता देता है।

योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए 75 हजार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है और 27 एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट में फैले यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह नोड्स को 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।

सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी पर नजर

मुख्यमंत्री ने निवेश के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों पर जोर दिया। इनमें मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग, सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, डेटा सेंटर और क्लाउड सेवाएं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वच्छ ऊर्जा तथा आधुनिक शहरी विकास शामिल हैं। सोलर एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, कचरा प्रबंधन और जल पुनर्चक्रण जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी की संभावनाएं तलाशने की बात कही गई।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, देश के कुल मोबाइल उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के उत्पादन में लगभग 60 प्रतिशत है। उन्होंने राज्य की कृषि क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि खाद्यान्न उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी सिंगापुर की कंपनियों के साथ सहयोग के अवसर हैं।

पर्यटन और शहरी विकास में भी साझेदारी

बैठक में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने महाकुंभ 2025 के सफल आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश बड़े आयोजनों के प्रबंधन और पर्यटकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है।

अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज और बौद्ध सर्किट जैसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों पर विश्वस्तरीय होटल, कन्वेंशन सेंटर और अन्य सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं हैं। इसके साथ ही लखनऊ, स्टेट कैपिटल रीजन और नई टाउनशिप के नियोजित विकास में सिंगापुर की शहरी नियोजन विशेषज्ञता का उपयोग करने पर भी जोर दिया गया।

775 करोड़ के पैकेजिंग हब को प्रमाणपत्र

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मेसर्स ग्रेटर नासिक इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को पात्रता प्रमाणपत्र प्रदान किया। सिंगापुर आधारित यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज समूह से जुड़ी यह कंपनी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-8डी में 50 एकड़ जमीन पर 775 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत ‘यूनिवर्सल पैकेजिंग हब’ स्थापित करेगी। परियोजना में सिंगापुर से प्रत्यक्ष विदेशी इक्विटी शामिल है और इससे 1,880 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

इसके अलावा एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल के साथ भी समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। कंपनी उत्तर प्रदेश में सोया प्रोटीन आइसोलेट और चना प्रोटीन कंसंट्रेट के उत्पादन के लिए अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड विनिर्माण इकाई स्थापित करेगी। इससे कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

कचरा प्रबंधन परियोजनाओं में भी निवेश

सतत अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में काम करने वाली ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के साथ भी समझौता किया गया। कंपनी नोएडा के सेक्टर-145 में लगभग 7.5 लाख टन पुराने कचरे के उपचार और सहारनपुर में प्रतिदिन 350 टन ताजा कचरे के प्रसंस्करण की क्षमता वाला संयंत्र स्थापित करने की योजना पर काम करेगी। इन परियोजनाओं में अनुमानित 250 से 350 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे करीब 100 से 120 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

सिंगापुर के निवेशकों ने की प्रदेश की सराहना

सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मार्क ली और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा करने के बाद प्रदेश के बुनियादी ढांचे, कारोबार सुगमता और निवेश संबंधी नीतियों की सराहना की। उन्होंने फिल्म सिटी, टॉय पार्क, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइसेज पार्क और सेमीकंडक्टर क्लस्टर जैसी परियोजनाओं को निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।

एसबीएफ-इंडिया बिजनेस कमेटी के चेयरमैन प्रसून मुखर्जी ने कहा कि सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन का यह उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के साथ दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने आया है। यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज के प्रबंध निदेशक प्रशांत मुखर्जी ने भी निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाने में राज्य सरकार की ओर से मिले सहयोग की सराहना की।

बैठक में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के सीईओ कोक पिंग सून, आईएचसीएल के एमडी एवं सीईओ पुनीत छतवाल, एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल के सीईओ विशाल विजय, ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के सीईओ प्रशांत सिंह, पीएसए इंडिया के एमडी पवित्रन एम. कल्लाडा, सेम्बकॉर्प के एजीएम विनीत यादव और उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों, आधुनिक बुनियादी ढांचे और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, निवेश की वास्तविक प्रगति परियोजनाओं के क्रियान्वयन और निर्धारित समयसीमा में उत्पादन शुरू होने पर निर्भर करेगी।

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