लूट और हत्या के मामले में तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास, प्रत्येक पर 45-45 हजार रुपये का जुर्माना; जुर्माने का दो-तिहाई हिस्सा मृतक की पत्नी को मिलेगा
लखनऊ । राजधानी में ब्लाइंड मर्डर और लूट के सनसनीखेज मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी का बड़ा परिणाम सामने आया है। महज 115 दिनों के भीतर जिला एवं सत्र न्यायालय, लखनऊ (कोर्ट संख्या-01) ने तीनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 45 हजार रुपये (कुल 1.35 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर अपराधों में त्वरित और प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट लखनऊ और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) के निर्देशन में थाना विकासनगर पुलिस ने इस मामले में मजबूत साक्ष्य और प्रभावी पैरवी प्रस्तुत की।
मामले में 29 जुलाई 2026 को जिला एवं सत्र न्यायालय, लखनऊ ने मौखिक, दस्तावेजी, वैज्ञानिक, इलेक्ट्रॉनिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)-2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया था। सजा पर फैसला सुनाने के लिए 4 अगस्त 2026 की तारीख तय की गई थी।मंगलवार को न्यायालय ने अभियुक्त सोनू (28), राहुल उर्फ शिवा (25) और धनराज (20) को हत्या, लूट और अन्य गंभीर धाराओं में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास सहित अन्य सजाएं सुनाईं।
न्यायालय द्वारा सुनाई गई सजा
हत्या के अपराध (धारा 103(1) सहपठित 61(2)(a) बीएनएस) में तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास तथा 20-20 हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास।
लूट से संबंधित धारा 309(4) सहपठित 3(5) के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास।
धारा 309(6) सहपठित 61(2)(a) के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास।
धारा 317(2) के तहत तीन वर्ष का कारावास तथा 5-5 हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास।
पुलिस ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया
न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अभियुक्तों से वसूले जाने वाले कुल जुर्माने की राशि का दो-तिहाई हिस्सा मृतक लालाराम की पत्नी को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा।उत्तर प्रदेश पुलिस ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है, जिसमें वैज्ञानिक साक्ष्यों और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से गंभीर अपराध के आरोपियों को रिकॉर्ड समय में सजा दिलाई गई।
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