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यूपी पुलिस में हर सप्ताह होगा ‘वीकेंड ट्रेनिंग टारगेट’, डीजीपी राजीव कृष्ण ने जारी किए निर्देश

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शनिवार-रविवार ऑनलाइन ट्रेनिंग होगी अनिवार्य, हर सोमवार होगी समीक्षा, फायर सेफ्टी को बनाया गया पहला प्रशिक्षण विषय

लखनऊ । पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने पुलिसबल में नियमित प्रशिक्षण, क्षमता संवर्धन एवं कौशल उन्नयन को और अधिक संस्थागत, परिणामोन्मुख एवं सतत बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक सप्ताह “Weekend Training Target” लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुलिसबल की व्यावसायिक दक्षता (Professional Competency), क्षमता निर्माण (Capacity Building) एवं सुशासन आधारित आधुनिक पुलिसिंग को सुदृढ़ करने के विज़न के अनुरूप प्रारम्भ की गई है।

इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में गठित Capacity Building Unit (CBU) द्वारा भारत सरकार के iGOT Karmayogi Portal पर उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रत्येक पुलिसकर्मी को नवीनतम विधिक, तकनीकी, प्रबंधकीय एवं व्यावसायिक दक्षताओं से निरंतर अद्यतन रखते हुए एक सक्षम, दक्ष, उत्तरदायी एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार पुलिस बल का निर्माण करना है।

प्रत्येक सोमवार को इसकी की जाएगी समीक्षा

पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक सप्ताह iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर उपलब्ध उपयोगी एवं विषय-विशेष आधारित ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का चयन किया जाए। चयनित पाठ्यक्रमों को प्रत्येक सप्ताह “Weekend Training Target” के रूप में समस्त पुलिसकर्मियों द्वारा नियमित ड्यूटी को प्रभावित किए बिना सप्ताहांत में शनिवार एवं रविवार के दौरान पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक सोमवार सप्ताहांत में सम्पन्न प्रशिक्षण की प्रगति, सहभागिता एवं अनुपालन की समीक्षा की जाएगी।

आकलन मापनीय परिणामों के आधार पर किया जाएगा

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रशिक्षण व्यवस्था केवल पाठ्यक्रम पूर्ण करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसकी प्रभावशीलता का आकलन मापनीय परिणामों (Measurable Outcomes) के आधार पर किया जाएगा। प्रशिक्षण की नियमित प्रगति, सहभागिता, मूल्यांकन तथा कार्य निष्पादन पर प्रशिक्षण के प्रभाव की सतत समीक्षा की जाएगी, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपयोगिता एवं व्यावहारिक प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।इस अभिनव पहल के प्रथम चरण में इस सप्ताह अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) विषयक लगभग 48 मिनट अवधि का ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चयनित किया गया है।

आग लगने के कारणों व निपटने के बाद भी समझाया जाएगा

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आग से संबंधित सुरक्षा उपायों, आग लगने के कारणों तथा आग से निपटने की प्रभावी विधियों को समझाया गया है। इसमें आग के विभिन्न प्रकार-Class A, B, C, D, E तथा F/K-और उनकी विशेषताओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। प्रशिक्षण में आग बुझाने के मूल सिद्धांतों जैसे शीतलन (Cooling), दम घोंटना (Smothering), ईंधन हटाना (Starvation) तथा रासायनिक प्रतिक्रिया को रोकना (Inhibition) पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही, अग्निशामक यंत्रों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग हेतु PASS विधि (Pull, Aim, Squeeze, Sweep) को व्यावहारिक रूप से समझाया गया है। यह पाठ्यक्रम आग की उत्पत्ति, आग बुझाने के उपकरणों के प्रकार तथा मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं के महत्व को रेखांकित करता है, जिससे आग की स्थिति में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

प्रशिक्षण शनिवार एवं रविवार के दौरान पूर्ण कराने के निर्देश

पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश ने समस्त विभागाध्यक्षों एवं कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ समस्त पुलिसकर्मियों द्वारा उक्त प्रशिक्षण शनिवार एवं रविवार के दौरान पूर्ण करना सुनिश्चित करें। इसकी प्रगति की समीक्षा आगामी सोमवार को की जाएगी।इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश श्री राजीव कृष्ण ने कहा—“उत्तर प्रदेश पुलिस को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सक्षम बनाने के लिए नियमित प्रशिक्षण, क्षमता संवर्धन एवं कौशल उन्नयन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। ‘Weekend Training Target’ के माध्यम से प्रत्येक पुलिसकर्मी को निरंतर सीखने का अवसर मिलेगा तथा प्रशिक्षण के परिणामों का आकलन भी मापनीय मानकों पर किया जाएगा। हमारा लक्ष्य एक अधिक दक्ष, तकनीक-सक्षम, नागरिक-केंद्रित एवं पेशेवर पुलिसबल का निर्माण करना है।”

68 लाख से अधिक ऑनलाइन प्रशिक्षण पूरे

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा दिनांक 02 से 10 अप्रैल, 2026 तक आयोजित ‘साधना सप्ताह’ के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस ने 28,03,435 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूर्ण कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की। यह संख्या उत्तर प्रदेश एवं महाराष्ट्र राज्यों को छोड़कर देश के किसी भी अन्य राज्य के सभी विभागों द्वारा सामूहिक रूप से पूर्ण किए गए कुल प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों से भी अधिक रही। वर्तमान तक उत्तर प्रदेश पुलिस के कार्मिक iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर 68 लाख से अधिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूर्ण कर चुके हैं, जो उत्तर प्रदेश पुलिस में सीखने की संस्कृति (Learning Culture) तथा क्षमता निर्माण के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।

नए ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी विकसित किए जा रहे

पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में iGOT कर्मयोगी पोर्टल हेतु उत्तर प्रदेश पुलिस की नोडल एजेंसी पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय द्वारा पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) राजीव सभरवाल के नेतृत्व एवं पर्यवेक्षण में इस प्रशिक्षण अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जा रहा है। साथ ही, अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) बी. डी. पॉलसन एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक (प्रशिक्षण) देवरंजन वर्मा के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश पुलिस की आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का विकास भी कराया जा रहा है।

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