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फर्जी NGO खोलकर सरकारी नौकरी का सपना बेचता था मास्टरमाइंड, करोड़ों की ठगी का आरोपी गिरफ्तार

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टीबी जागरूकता अभियान में भर्ती का झांसा देकर बेरोजगारों से वसूले लाखों रुपये, फर्जी नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड बनाकर करता था ठगी

लखनऊ। लखनऊ कमिश्नरेट की विकासनगर पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाले एक वांछित वारंटी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी एनजीओ के जरिए सरकारी स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये वसूलता था। पुलिस के अनुसार, मामले में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की आशंका है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता चन्द्रमणि तिवारी की तहरीर पर थाना विकासनगर में दर्ज मुकदमा संख्या 67/2026 की विवेचना के दौरान यह कार्रवाई की गई। न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) के अनुपालन में पुलिस ने मुख्य आरोपी पारस नाथ खरवार उर्फ पारस नाथ प्रसाद (54) को 30 जुलाई को उसके कल्याणपुर स्थित आवास से गिरफ्तार किया।आरोपी मूल रूप से भलुअनी थाना क्षेत्र, देवरिया का रहने वाला है और वर्तमान में लखनऊ के गुडम्बा थाना क्षेत्र के नेहरू विहार, आदर्श नगर में रह रहा था।

‘जीवन पथ फाउंडेशन’ के नाम पर चल रहा था फर्जी खेल

जांच में सामने आया कि आरोपी “जीवन पथ फाउंडेशन” नाम से एक संस्था संचालित करता था। इसी संस्था के माध्यम से वह और उसके सहयोगी सरकारी स्वास्थ्य विभाग के क्षय रोग (टीबी) जागरूकता अभियान में विभिन्न पदों पर नौकरी दिलाने का दावा करते थे।

अभ्यर्थियों को आकर्षक वेतन और सरकारी नौकरी का भरोसा देकर उनसे नियुक्ति, पंजीकरण और प्रशिक्षण के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी। इसके बाद उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी पहचान पत्र (आईडी कार्ड) और प्रशिक्षण भी दिया जाता था, ताकि उन्हें विश्वास हो सके कि उनकी नौकरी लग गई है।

पूछताछ में कई अहम खुलासे

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसकी संस्था के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे और सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए जाते थे।पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया।

ये सामान हुआ बरामद

गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से पुलिस ने—

3 मोबाइल फोन
87 रुपये नकद
1 प्रेस आईडी कार्ड
1 आधार कार्ड
1 यूनियन बैंक का डेबिट कार्ड
11 विजिटिंग कार्ड
2 चाबी के गुच्छे

बरामद किए हैं। सभी सामान को पुलिस ने नियमानुसार कब्जे में लेकर सील कर दिया है।

न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा (Judicial Custody) में भेज दिया गया।पुलिस के अनुसार, आरोपी के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। साथ ही इस फर्जी भर्ती गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।

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