भारत दर्शन के तहत लखनऊ पहुंचे 2025 बैच के प्रशिक्षुओं ने कॉल टेकिंग, ऑटो डिस्पैच, ELS तकनीक और आधुनिक पुलिसिंग की कार्यप्रणाली को करीब से समझा
लखनऊ। राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (हैदराबाद) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 2025 बैच के 21 आईपीएस प्रशिक्षु अधिकारियों ने शुक्रवार को भारत दर्शन कार्यक्रम के तहत यूपी-112 मुख्यालय का भ्रमण किया। 17 पुरुष और 4 महिला अधिकारियों के इस दल ने प्रदेश की अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा के तकनीकी एवं प्रचालन तंत्र का विस्तृत अध्ययन किया।
दोपहर 2:45 बजे यूपी-112 मुख्यालय पहुंचने पर अधिकारियों का औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद उन्हें यूपी-112 की आधुनिक कार्यप्रणाली, त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम और तकनीकी नवाचारों से अवगत कराया गया।
लाइव देखा कॉल टेकिंग और कंट्रोल रूम का संचालन
भ्रमण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने सीओ एवं डीएस हॉल का दौरा किया, जहां उन्हें कॉल टेकिंग प्रक्रिया, कॉल फ्लो और अत्याधुनिक कंप्यूटर एडेड डिस्पैच (CAD) एप्लिकेशन के माध्यम से आपातकालीन कॉल के निस्तारण का लाइव प्रदर्शन दिखाया गया।
इसके बाद प्रज्ञा कक्ष में यूपी-112 की संपूर्ण कार्यप्रणाली, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और तकनीकी क्षमताओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
ऑटो डिस्पैच और ELS तकनीक की दी गई जानकारी
प्रशिक्षु अधिकारियों को बताया गया कि यूपी-112 में ऑटो डिस्पैच और इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ELS) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है। उन्हें समझाया गया कि Google द्वारा विकसित ELS तकनीक आपातकालीन कॉल या एसएमएस के दौरान GPS, वाई-फाई और सेलुलर नेटवर्क की मदद से कॉलर की सटीक लोकेशन उपलब्ध कराती है।
अधिकारियों को यह भी बताया गया कि यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षित होती है और लोकेशन डेटा केवल आपात स्थिति में ही साझा किया जाता है, जिससे नागरिकों की निजता भी सुरक्षित रहती है।
24 आपातकालीन सेवाओं के समन्वय की जानकारी
भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं को यूपी-112 से एकीकृत 24 विभिन्न आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी गई। इनमें फायर सर्विस, एंबुलेंस सेवा, विमेन पावर लाइन-1090 सहित अन्य सेवाओं के बीच समन्वय की प्रक्रिया समझाई गई।
इसके अलावा सवेरा योजना, 112 लिंक योजना और महिला पीआरवी जैसी जनोपयोगी पहलों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
डिजिटल माध्यमों से भी मिलती है तत्काल सहायता
अधिकारियों को बताया गया कि नागरिक केवल फोन कॉल ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक, व्हाट्सएप, एसएमएस, ई-मेल तथा यूपी-112 की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध चैटबॉट के माध्यम से भी आपातकालीन सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
पीटीजेड कैमरे और बॉडी-वॉर्न कैमरों का प्रदर्शन
भ्रमण के दौरान पीआरवी वाहनों पर लगाए गए पीटीजेड (PTZ) कैमरों तथा पुलिसकर्मियों को उपलब्ध कराए गए बॉडी-वॉर्न कैमरों के संचालन और उनकी उपयोगिता का भी प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि ये उपकरण पारदर्शी और प्रभावी पुलिसिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के दौरान यूपी-112 के पुलिस महानिरीक्षक ने प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों से संवाद किया। उन्होंने आधुनिक पुलिसिंग, तकनीकी नवाचारों और भविष्य की चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा करते हुए युवा अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रशिक्षु अधिकारियों ने यूपी-112 के वरिष्ठ अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर सभी अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
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