ATS-STF अलर्ट, मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर कड़ी निगरानी
लखनऊ।जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुई आतंकी घटना और केंद्रीय जांच एजेंसियों से मिले खुफिया इनपुट के बाद उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर कड़ी कर दी गई है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित करते हुए सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। कांवड़ यात्रा, प्रमुख धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों, सरकारी इमारतों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS), स्पेशल टास्क फोर्स (STF), स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी 24 घंटे नजर रखी जा रही है, ताकि अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को समय रहते रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार पैदल गश्त करने और स्थानीय खुफिया तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
वाराणसी में पांच जोन और 13 सेक्टर में बांटा गया शहर
श्रावण मास के दौरान काशी विश्वनाथ धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए वाराणसी शहर को पांच जोन और 13 सेक्टर में विभाजित किया गया है। यहां करीब आठ हजार पुलिसकर्मी, पीएसी, एनडीआरएफ और वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर, दशाश्वमेध घाट समेत प्रमुख घाटों और धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है।
कांवड़ यात्रा मार्ग पर ATS और PAC की विशेष तैनाती
प्रदेश में निकल रही कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस विशेष रूप से सतर्क है। आशंका जताई गई है कि असामाजिक तत्व श्रद्धालुओं के बीच घुलमिलकर माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं। इसे देखते हुए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और आधुनिक निगरानी उपकरण लगाए गए हैं।
मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे संवेदनशील जिलों में ATS, PAC और स्थानीय पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर आधुनिक हथियारों से लैस ATS के 36 जवान तैनात किए गए हैं, जो 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। जिले में तीन से 10 अगस्त तक सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है ताकि यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
लखनऊ में विधानसभा सत्र और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राजधानी लखनऊ में सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और भी सख्त कर दी गई है। विधानसभा परिसर, मुख्यमंत्री आवास, सरकारी भवनों, चारबाग रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इसके अलावा होटल, धर्मशालाओं, रैन बसेरों और अन्य ठहरने वाले स्थानों पर व्यापक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की लगातार जांच की जा रही है।
मेरठ, बागपत, बुलंदशहर और हापुड़ में अस्थायी थाने और चौकियां
कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अस्थायी पुलिस ढांचा तैयार किया गया है।
मेरठ में एक अस्थायी थाना और नौ पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं।
बुलंदशहर में एक थाना और 17 अस्थायी चौकियां बनाई गई हैं।
बागपत में एक थाना और 11 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं।
हापुड़ में एक थाना और 21 अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई हैं।
मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने 12 अगस्त तक सभी विभागों के कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। वहीं, जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में तीन से 12 अगस्त तक अवकाश घोषित किया गया है।
खुफिया इनपुट के बाद बढ़ी सतर्कता
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस को खुफिया इनपुट दिया है कि पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी के इशारे पर आतंकी राज्य में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रच सकते हैं। संभावित निशानों में कांवड़ यात्रा, मुख्यमंत्री आवास, विधान भवन, सरकारी इमारतें और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान शामिल बताए जा रहे हैं।
हालांकि, इन इनपुट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इन्हें गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट लागू कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संदिग्ध सूचना पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर भी 24 घंटे निगरानी
पुलिस ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी तेज कर दी है। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ पोस्ट, अफवाह या फर्जी सूचना फैलाने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अफवाह फैलाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश पुलिस का कहना है कि कांवड़ यात्रा, धार्मिक आयोजनों और विधानसभा सत्र के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी सुरक्षा एजेंसियां समन्वय के साथ चौबीसों घंटे मुस्तैदी से काम कर रही हैं।
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