लखनऊ । एसटीएफ उत्तर प्रदेश को अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर कछुओं की तस्कर करने वाले गिरोह के एक सदस्य को 171 कछुओं सहित जनपद कानपुर से गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम जाहिद अली पुत्र मो. अली निवासी ग्राम भटपुरा थाना कमालगंज, फतेहगढ़ है। इसके कब्जे से 171 अदद कछुआ (इंडियन रूफर्ड टर्टल), एक आधार कार्ड, एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। अभियुक्त को हरबंश मोहाल, जनपद कानपुर क्षेत्र अन्तर्गत रेलवे क्रॉसिंग के पास शनिवार की शाम को गिरफ्तार किया गया है।
शक्तिवर्धक दवाओं में इसका किया जाता है इस्तेमाल
वन्य जीव अपराध नियन्त्रण ब्यूरो भारत सरकार की पहल पर एसटीएफ ने पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश में कछुओं की तस्करी पर प्रभावी कार्यवाही की है। भारत में कछुओं की पाई जाने वाली 29 प्रजातियों में 15 प्रजातियाँ उत्तर प्रदेश में पाई जाती है। इनमें 11 प्रजातियों का अवैध व्यापार किया जाता है। यह अवैध व्यापार जीवित कछुओ के माँस अथवा पालने (as pet) अथवा कछुओं की कैलिपी (झिल्ली) को सुखा कर शक्तिवर्धक दवाओं के लिए किया जाता है। कछुओं को SOFT SHELL (मुलायम कवच) तथा HARD SHELL(कठोर कवच) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। यमुना, चम्बल, गंगा, गोमती, घाघरा, गण्डक आदि नदियों, उनकी सहायक नदियों, तालाबों, आदि में यह कछुए बहुतायत में पाए जाते हैं।
बांग्लादेश, चीन व मलेशिया तक करते थे कछुओं की सप्लाई
विगत काफी दिनों से एसटीएफ को प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी करने वाले तस्करों के सक्रिय होने की सूचनाएं प्राप्त हो रहीं थी। इस सम्बन्ध में एसटीएफ की विभिन्न इकाईयों/टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था, जिसके अनुपालन में अवनीश्वर चन्द्र श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ लखनऊ के पर्यवेक्षण में अभिसूचना संकलन के दौरान ज्ञात हुआ कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों के कछुआ तस्करों द्वारा बड़े स्तर पर विभिन्न प्रजातियों के कछुओ की तस्करी का कार्य किया जा रहा है। यह भी जानकारी हुई कि ऐसे व्यापारी माल बेचने के लिए पश्चिम बंगाल के व्यापारियों के संपर्क में रहते हैं, जहाँ से यह माल बंग्लादेश और म्यांमार के रास्ते चीन, हांगकांग, मलेशिया आदि देशो में भेजा जाता है।
एसटीएफ ने अभियुक्त को कानपुर से किया गिरफ्तार
उप निरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में एसटीएफ टीम जनपद कानपुर में भ्रमणशील थी। इस दौरान ज्ञात हुआ कि कुछ तस्कर भारी मात्रा में कछुओं की तस्करी के लिए कानपुर आने वाले है। इस सूचना को विकसित करते हुए वन विभाग कानपुर रेंज की टीम को साथ लेकर संयुक्त टीम द्वारा हरबंश मोहाल रेलवे क्रासिंग, जनपद कानपुर के पास से एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार अभियुक्त ने बताया कि वह जनपद फतेहगढ़ के आस पास के जनपदों के तालाबों एवं नदियों से स्थानीय कछुआ तस्करों के माध्यम से कछुए इकठ्ठा करता है, इसके पश्चात कानपुर के तस्करों के साथ मिलकर उन कछुओं की बिहार व पश्चिम बंगाल में सप्लाई करता है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा
अभियुक्त के विरूद्ध वन रेंज कानपुर में केस नं0 10/2026-27 धारा 09, 39, 40, 48ए, 51, 57 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम-1972 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कराया जा रहा है। आवष्यक विधिक कार्यवाही वन रेंज कानपुर द्वारा की जायेगी।
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