डीजीपी ने कहा- कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और दुर्घटनारहित के लक्ष्य के साथ कराएं संपन्न
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने प्रदेश के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी कांवड़ यात्रा एवं अन्य प्रमुख पर्वों को “Zero Incident & Zero Accident” के लक्ष्य के साथ सकुशल संपन्न कराया जाए। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, संवेदनशील स्थलों की निगरानी तथा अपराध नियंत्रण के लिए व्यापक और प्रभावी रणनीति अपनाई जाए।
मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित ऑनलाइन उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में डीजीपी ने प्रदेश के सभी जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक तथा सभी जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तार से समीक्षा की।
कांवड़ यात्रा पर विशेष फोकस
डीजीपी ने कहा कि सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्राओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि कांवड़ मार्गों, शिविरों, घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। बैरिकेडिंग, समुचित प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय एवं शासन के निर्देशों के अनुरूप कांवड़ यात्रा में डीजे की ऊंचाई और ध्वनि स्तर निर्धारित मानकों के अनुसार रखा जाए। साथ ही टेथर्ड ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाए। सीमावर्ती जनपदों एवं पड़ोसी राज्यों के साथ भी निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक में डीजीपी ने हत्या, डकैती, लूट, चेन स्नैचिंग तथा अन्य जघन्य अपराधों के लंबित मामलों का शीघ्र अनावरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट सहित अन्य प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
यक्ष ऐप बने अपराध नियंत्रण का मजबूत हथियार
राजीव कृष्ण ने कहा कि “बीट सूचना, यक्ष ऐप की आत्मा है।” उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐप में उपलब्ध 21 श्रेणियों के अंतर्गत सही एवं अद्यतन सूचनाएं दर्ज कराई जाएं। सक्रिय अपराधियों का 100 प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित किया जाए तथा सत्यापन के दौरान यदि कोई अपराधी लापता पाया जाता है तो उसकी तलाश के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि सत्यापन के बाद दोबारा अपराध में शामिल पाए जाने वाले अपराधियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए। वरिष्ठ अधिकारी यक्ष ऐप में कर्मचारियों द्वारा दर्ज की जा रही सूचनाओं का नियमित पर्यवेक्षण करें। मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब, धार्मिक मतांतरण तथा अन्य संवेदनशील गतिविधियों से जुड़ी सभी सूचनाएं भी ऐप पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराई जाएं।
थानों में खड़े वाहनों के निस्तारण पर जोर
बैठक में थानों पर लंबे समय से खड़े वाहनों के निस्तारण की भी समीक्षा की गई। इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अलीगढ़ और रायबरेली के पुलिस अधीक्षकों ने अपनी कार्यप्रणाली का प्रस्तुतीकरण दिया। डीजीपी ने सभी जिलों और पुलिस कमिश्नरेट को डंपिंग यार्ड विकसित कर वाहनों को वहां स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।

लंबित विवेचनाओं की होगी डिजिटल मॉनिटरिंग
60 एवं 90 दिन में निस्तारित होने वाली विवेचनाओं की निगरानी के लिए विकसित Case Diary Monitoring Dashboard का प्रस्तुतीकरण किया गया। यह पोर्टल औरैया के पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती की पहल पर मुख्यालय की तकनीकी सेवाओं द्वारा विकसित किया गया, जिसका प्रस्तुतीकरण पुलिस उपमहानिरीक्षक (तकनीकी सेवाएं) आशीष तिवारी ने किया।इस पोर्टल के माध्यम से पर्यवेक्षक अधिकारियों एवं विवेचकों को किसी विवेचना की समय-सीमा समाप्त होने से 15 दिन पहले स्वतः अलर्ट प्राप्त होगा, जिससे लंबित मामलों की प्रभावी मॉनिटरिंग कर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
मिशन शक्ति केंद्रों से महिला अपराधों में कमी
डीजीपी ने बताया कि मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना के छह माह पहले और छह माह बाद के आंकड़ों की समीक्षा में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। दहेज हत्या के मामलों में लगभग 43 प्रतिशत तथा दहेज प्रताड़ना के मामलों में करीब 13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने सभी परिक्षेत्रीय आईजी और डीआईजी को मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
सड़क सुरक्षा अभियान से बचीं 800 से अधिक जानें
पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० द्वारा कहा गया कि ZFD एवं RTC अभियान की समीक्षा से सड़क दुर्घटनाओं एवं जाम में कमी परिलक्षित हुयी है, उसमें और प्रभावी कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें।प्रदेश में चलाये गये ZFD अभियान के फलस्वरूप 1 जनवरी 2025 से 30 जून 2025 की तुलना में 1 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 तक की अवधि में हुए road accidents और fatalities में क्रमशः 9 % और 10 % की कमी आयी है और 800 से अधिक बहुमूल्य मानव जीवन की रक्षा की गई है ।RTC Scheme के अंतर्गत Google Maps आधारित रियल-टाइम ट्रैफिक प्रबंधन एवं Route Marshal की व्यवस्था से तीन माह में Choke Points में 17% की कमी तथा चयनित मार्गों पर यात्रा के औसत समय में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
मीडिया, सोशल मीडिया और गुमशुदा बच्चों पर विशेष निर्देश
डीजीपी ने कहा कि प्रत्येक महत्वपूर्ण घटना की समयबद्ध एवं तथ्यात्मक जानकारी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को उपलब्ध कराई जाए। सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा भ्रामक पोस्ट और भड़काऊ बयानबाजी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने गुमशुदा व्यक्तियों, महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़े मामलों का शीघ्र निस्तारण करने तथा विशेष अभियान चलाकर गुमशुदा बच्चों की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को iGOT पोर्टल पर अपनी प्रविष्टियां समय पर एवं सही ढंग से अपडेट करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में डीजीपी ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी पूर्ण सतर्कता, समन्वय और जवाबदेही के साथ कार्य करें।
यह भी पढ़े : लखनऊ को मिलेगा ट्रैफिक से बड़ा राहत! शहीद पथ पर बनेगा 23 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर
