होम दुनिया अमेरिका से वार्ता पर ईरान की शर्त, लेबनान में हमले रुकने के...

अमेरिका से वार्ता पर ईरान की शर्त, लेबनान में हमले रुकने के बाद ही होगी अंतिम बातचीत

0
70

दोहा/वाशिंगटन। कतर की राजधानी दोहा में अमेरिकी और ईरानी वार्ताकार मौजूद हैं। दोनों पक्षों के बीच अब तक सीधी वार्ता शुरू नहीं हो सकी है। ईरान ने अंतिम समझौते पर बातचीत शुरू करने के लिए कड़ी शर्त रखी है। ईरान का कहना है कि अगर लेबनान में इजराइली हमले रुक जाएं (युद्ध खत्म हो जाए) तो उसे वार्ता शुरू करने पर कोई परहेज नहीं है। इस बीच अमेरिकी वार्ताकारों ने कतर के प्रधानमंत्री और विदेशमंत्री से मुलाकात की है।

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर घालीबाफ ने कहा कि तेहरान अंतिम समझौते पर बातचीत तब तक शुरू नहीं करेगा जब तक लेबनान में लड़ाई खत्म नहीं हो जाती। साथ ही वार्ता शुरू करने से पहले वाशिंगटन को तेल पर लगे प्रतिबंध हटाते हुए ईरान के फ्रीज किए गए फंड को जारी करना होगा। ईरान के इस रुख की वजह से दोहा में अमेरिकी वार्ताकारों से सीधी बातचीत संभव नहीं हो पा रही है। अलबत्ता

कतर के प्रधानमंत्री और विदेशमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी ने दोहा में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से मुलाकात की है।

ईरानी वार्ताकार भी दोहा में मौजूद हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच आमने-सामने की बातचीत शुरू होने के कोई संकेत नहीं हैं। ईरान ने यह भी कहा है कि वह अमेरिका के साथ हुए एमओयू को लागू करने और फ्रीज की गई ईरानी संपत्ति को जारी करने के मुद्दे पर मध्यस्थ कतर के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत करेगा। तेहरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका युद्ध खत्म करने के समझौते का उल्लंघन करता है, तो वह उसका जवाब देगा। इजराइल ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के एक और लड़ाके को मार गिराया है।

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ स्कॉट उहलिंगर का कहना है कि वाशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव को संभालने के लिए दोहा में ईरान के साथ अप्रत्यक्ष तकनीकी बातचीत कर रहा है। उहलिंगर ने कहा “मुझे लगता है कि अमेरिकी वार्ताकारों का मुख्य मकसद तकनीकी समस्या को सुलझाना है, ताकि भविष्य में आने वाली कुछ मुश्किलों को टाला जा सके।”

सीआईए के पूर्व अधिकारी उहलिंगर ने कहा कि ये मुश्किलें होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण पाने की ईरान के राजनयिक कदमों से जुड़ी हैं। अमेरिका यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रहा है कि एमओयू के अनुसार, जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा हो। उहलिंगर ने कहा कि वाशिंगटन की कोशिश है कि कतर और अन्य खाड़ी देश ईरान के साथ बातचीत करके एक गठबंधन बनाएं, जो इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले यातायात को नियंत्रित कर सके।

यह भी पढ़े : लखनऊ में मौत की आग: कोचिंग और एनीमेशन सेंटर में फंसे 15 मासूम जिंदा जले

यह भी पढ़े : लखनऊ अग्निकांड : सीएम योगी के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल गठित

यह भी पढ़े : लखनऊ कोचिंग आग हादसे में पुलिस ने चार को किया गिरफ्तार, चार अफसर सस्पेंड

यह भी पढ़े : UP Crime: छोटे भाई ने सोते समय बड़े भाई, भाभी और 3 साल के भतीजे की हत्या

यह भी पढ़े : प्रयागराज में दुष्कर्म के फरार आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तारी, जवाबी फायरिंग में हुआ