होम उप्र न्यूज़ काली माता के स्थान पर बुजुर्ग की मौत, बांके से गला काटा

काली माता के स्थान पर बुजुर्ग की मौत, बांके से गला काटा

0
19

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में मंगलवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई। बिधनू थाना क्षेत्र के धीरपुर गांव में 57 वर्षीय रामआसरे ने काली माता के स्थान पर पहुंचकर बांके से अपना गला काट लिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी।

रामआसरे करीब 20 वर्षों से धीरपुर गांव में अपने बहनोई मुन्नीलाल के खेत के पास झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। उनकी बहन सुखरानी की ससुराल भी धीरपुर में है और परिवार की ओर से उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जाती थी।

परिजनों के मुताबिक, 14 सितंबर को गांव में घूम रहे एक कुत्ते ने रामआसरे को काट लिया था। उन्हें सीएचसी ले जाकर रैबीज का इंजेक्शन लगवाया गया और घाव का उपचार कराया गया। इसके बाद उनकी मानसिक स्थिति में बदलाव आने लगा। परिवार का कहना है कि वह काली माता के स्थान पर अपनी बलि देने की बात करने लगे थे। परिजन और ग्रामीण लगातार उन्हें ऐसा करने से रोकते रहे।

26 सितंबर को अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि परिवार उन्हें उसी दिन हैलट नहीं ले गया और वापस घर ले आया। हालत ज्यादा बिगड़ने पर 28 सितंबर को उन्हें हैलट अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए बचने की संभावना कम बताई, जिसके बाद परिजन उन्हें वापस घर ले आए।

मंगलवार को रामआसरे घर से करीब 300 मीटर दूर स्थित काली माता के स्थान पर पहुंच गए। आरोपित तौर पर उन्होंने वहीं बांके से अपना गला काट लिया। कुछ देर बाद जानकारी मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।

थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह ने बताया कि ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ में कुत्ते के काटने के बाद रामआसरे की मानसिक स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, रैबीज के कारण उनकी हालत और मानसिक स्थिति खराब होने की आशंका है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

यह भी पढ़े : तमिलनाडु में नवजात बच्चों को मिलेगी एक ग्राम सोने की अंगूठी

यह भी पढ़े : UP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 13 PCS के बाद 35 IPS अफसरों के तबादले, कई कमिश्नरेट और वाहिनियों के बदले कमांडर

यह भी पढ़े : सीएम योगी की अधिवक्ताओं को बड़ी सौगात, पांच लाख तक कैशलेस इलाज

यह भी पढ़े : लोहिया ट्रस्ट की कमान अब अखिलेश के हाथ, शिवपाल की भूमिका बदली

यह भी पढ़े : लोक सेवक की जवाबदेही जरूरी, लोकायुक्त व्यवस्था पर अंकुश का काम करती है: योगी

यह भी पढ़े : BRICS SUMMIT 2026:भारत-चीन रिश्तों को नई दिशा, साझेदारी पर शी का जोर