झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। ग्राम पंचायत देवरी सिंहपुरा के पास सुखनई नदी के बल्लू घाट पर मंगलवार को पूर्वजों को पानी (तर्पण) देने गए एक ही परिवार के पांच लोग नदी के गहरे पानी में डूब गए। इस हादसे में 13 वर्षीय मासूम समेत परिवार के सभी पांच सदस्यों की मौत हो गई। एक साथ पांच मौतों की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और गांव में कोहराम मच गया।
एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में गहरे पानी में समाए परिजन
प्राप्त विवरण के अनुसार, देवरी सिंहपुरा निवासी रामेश्वर प्रसाद तिवारी के घर 28 सितंबर को उनके दिवंगत भाई रानी तिवारी का श्राद्ध कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसमें परिवार के कई रिश्तेदार एकत्र हुए थे। श्राद्ध के अगले दिन मंगलवार को परिजन सुखनई नदी के बल्लू घाट पर पूर्वजों को जल अर्पित करने पहुंचे थे।
तर्पण के बाद 40 वर्षीय अनूप तिवारी नदी में स्नान करने उतरे, लेकिन अचानक अनियंत्रित होकर गहरे पानी में जाने लगे और डूबने लगे। अनूप को तड़पता देख उन्हें बचाने के लिए उनका 13 वर्षीय बेटा अर्पित तिवारी, भतीजे श्रेयांश तिवारी (21 वर्ष) व अभिनय तिवारी (24 वर्ष) और भांजा पुष्कल उर्फ छोटू (25 वर्ष) एक-एक कर नदी में कूद पड़े। देखते ही देखते पांचों लोग नदी के तेज बहाव और गहरे पानी में समा गए।
पुलिस और गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाले शव
हादसा देखते ही किनारे पर मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाकर गांव में सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी कुलदीप पंवार, उपजिलाधिकारी (SDM) मनोज भारती और क्षेत्राधिकारी (CO) रत्नेश्वर सिंह पुलिस बल और गोताखोर टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
स्थानीय तैराकों और पुलिसकर्मियों की मदद से रस्सियों के सहारे नदी के गहरे पानी में तलाशी अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद पांचों को बाहर निकाला गया और तुरंत एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
एक दिन पहले चहल-पहल, अगले दिन पसरा सन्नाटा
जिस घर में एक दिन पहले तक रिश्तेदारों की मौजूदगी से चहल-पहल थी, वहां अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
अनूप तिवारी (40): किराने की दुकान चलाने के साथ खेती करते थे।
अभिनय तिवारी (24): शटरिंग का व्यवसाय करते थे।
अर्पित (13), श्रेयांश (21) व पुष्कल (25): तीनों पढ़ाई कर रहे थे।
हादसे के बाद देवरी सिंहपुरा गांव में चूल्हे तक नहीं जले और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और नियमानुसार जल्द से जल्द आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
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