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दिल्ली के साकेत में मौत बनकर ढही 5 मंजिला इमारत, मलबे में दबे कई लोगों की आशंका

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके साकेत में शनिवार शाम एक भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। यहां एक पांच मंजिला व्यावसायिक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे इलाके में चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत कंक्रीट, लोहे की सरियों और मलबे के विशाल ढेर में तब्दील हो गई। हादसे के समय इमारत के भीतर और आसपास मौजूद कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

इमारत गिरने से पहले तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरने से पहले तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पूरी बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। बचाव कार्य के लिए चार दमकल गाड़ियों समेत कई टीमें तैनात की गई हैं।

मलबे से निकाले गए कई लोग

अधिकारियों के अनुसार, अब तक मलबे से चार से पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। हालांकि आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं, जिसके चलते राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

ग्राउंड फ्लोर पर था कोचिंग सेंटर

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इमारत के भूतल पर एक कोचिंग संस्थान संचालित होता था, जबकि ऊपरी मंजिलों पर निर्माण कार्य चल रहा था। इस कारण मलबे में छात्रों और निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों के फंसे होने की आशंका भी जताई जा रही है। हादसे के वक्त इमारत में कितने लोग मौजूद थे, इसकी सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

स्थानीय लोगों ने भी संभाला मोर्चा

हादसे के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट तथा टॉर्च की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू कर दी। संकरी गलियों और घनी आबादी वाले इलाके में राहत कार्य के दौरान भारी भीड़ जुट गई, जिसके बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी।

बड़ा हादसा टला, लेकिन कई सवाल खड़े

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि यह हादसा दिन के व्यस्त समय में होता, तो सैकड़ों लोग इसकी चपेट में आ सकते थे। बताया जा रहा है कि सामान्य दिनों में इस इमारत में सैकड़ों लोगों का आना-जाना रहता था। हादसे के बाद निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जांच शुरू, कारणों का इंतजार


,फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। वहीं, इमारत गिरने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा निर्माण संबंधी खामियों, कमजोर संरचना या किसी अन्य वजह से हु

निर्माण मानकों की निगरानी पर सवाल खड़े कर रही

दिल्ली के साकेत में हुई यह घटना एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में भवन सुरक्षा और निर्माण मानकों की निगरानी पर सवाल खड़े कर रही है। राहत एजेंसियां पूरी रात अभियान चलाकर यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि मलबे के नीचे कोई व्यक्ति फंसा न रह जाए।

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