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घर बैठे फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस का खेल बेनकाब, STF ने साइबर ट्रिक से लाइसेंस बनाने वाले मास्टरमाइंड को दबोचा

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यूपी समेत कई राज्यों के फर्जी लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, STF ने आरोपी को किया गिरफ्तार

लखनऊ । उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े साइबर फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए बिजनौर से ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल समेत कई राज्यों के लोगों के फर्जी तरीके से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस तैयार कर रहा था। आरोपी ऑनलाइन परीक्षा की सुरक्षा प्रणाली को जावा स्क्रिप्ट और ब्राउजर एक्सटेंशन की मदद से बायपास कर घर बैठे लाइसेंस जारी करवा देता था।

STF के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को बिजनौर के थाना नहटौर क्षेत्र के ग्राम फुलसंदा हीरा स्थित उसके घर से इब्राहिम अंसारी पुत्र जाहिद हुसैन को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से दो लैपटॉप, एक स्मार्टफोन, चार कूटरचित आधार कार्ड, चार एटीएम कार्ड, वाई-फाई राउटर और तीन चेकबुक बरामद की गईं।

कई राज्यों में फैला था फर्जीवाड़े का नेटवर्क

एसटीएफ को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल समेत कई राज्यों के लोगों के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी तरीके से बनाए जा रहे हैं। इसी सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक STF फील्ड यूनिट बरेली अब्दुल कादिर के पर्यवेक्षण में उपनिरीक्षक अजीत कुमार के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की।सूचना पुख्ता होने पर STF टीम ने आरोपी के घर पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे करता था ऑनलाइन परीक्षा में बड़ा खेल

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने घर से लैपटॉप और इंटरनेट की मदद से लोगों के लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करता था। जिन लोगों को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती थी, उनसे पैसे लेकर पूरा काम खुद करता था।सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि लर्निंग लाइसेंस के लिए होने वाली ऑनलाइन परीक्षा भी वह खुद देता था।

फीस यूपीआई के माध्यम से अपने खाते में लेता था

इसके लिए वह ब्राउजर में Tampermonkey एक्सटेंशन इंस्टॉल कर उसमें विशेष JavaScript कोड जोड़ता था। यह कोड परिवहन विभाग की सारथी वेबसाइट पर परीक्षा के दौरान वीडियो सत्यापन (Video Verification) को बायपास कर देता था। इसके बाद आधार ई-केवाईसी से प्राप्त फोटो के आधार पर परीक्षा का एक्सेस मिल जाता था और आरोपी स्वयं परीक्षा पास कर आवेदनकर्ता का लर्निंग लाइसेंस तैयार कर देता था।बाद में लाइसेंस की पीडीएफ व्हाट्सएप पर भेजकर उसकी फीस यूपीआई के माध्यम से अपने खाते में लेता था।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

आरोपी के खिलाफ थाना नहटौर, जनपद बिजनौर में मु0अ0सं0 231/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 337, 340(2), आधार अधिनियम-2016 की धारा 36 तथा आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई थाना नहटौर पुलिस द्वारा की जा रही है।

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