सपा-कांग्रेस पर प्रदेश को पुराने दौर में ले जाने का आरोप, 411 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
कानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर बिठूर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विरासत में एक बार गद्दी मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं। काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस प्रदेश को फिर उसी दौर में ले जाना चाहती हैं, जहां विकास के बजाय अव्यवस्था और अराजकता का माहौल था।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कानपुर को 411 करोड़ रुपये से अधिक की 48 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कई योजनाओं का लोकार्पण किया और नई परियोजनाओं का शिलान्यास कर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया। इस मौके पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों और सफाईकर्मियों को भी सम्मानित किया गया।
अखिलेश यादव पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें एक बार सत्ता विरासत में मिल गई थी, लेकिन अब ऐसा दोबारा नहीं होने वाला। उन्होंने कहा कि जनता सपा के कार्यकाल को देख चुकी है और उसके कामकाज के आधार पर फैसला कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए केवल विरासत पर्याप्त नहीं होती, बल्कि जनता के बीच जाकर काम करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जनता अब पुराने तौर-तरीकों को स्वीकार करने वाली नहीं है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में विकास और सुशासन के आधार पर सरकार काम कर रही है, जबकि विपक्ष के पास जनता को बताने के लिए कोई ठोस उपलब्धि नहीं है।
सपा-कांग्रेस के कार्यकाल पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों के कार्यकाल में प्रदेश को विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के बजाय कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि लंबे समय तक वहां बुनियादी सुविधाओं की स्थिति ठीक नहीं थी। सड़कों, बिजली और स्वच्छता जैसी व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस की कार्यशैली में गंदगी और अव्यवस्था को बढ़ावा मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी ध्यान दे रही है।
कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम और रामायण परंपरा का उल्लेख करते हुए महर्षि वाल्मीकि तथा गोस्वामी तुलसीदास के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि राम से जुड़ी परंपरा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक कारणों से राम से जुड़े विषयों पर अनावश्यक विवाद खड़ा करती है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दल देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं और नए-नए विवाद पैदा करते हैं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए उसे मानसिक रूप से दिवालिया बताया।
जनकल्याणकारी योजनाओं को बताया रामराज्य की अवधारणा से जुड़ा
मुख्यमंत्री ने रामचरितमानस की चौपाई “नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना, नहिं कोउ अबुध न लच्छन हीना” का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों का कल्याण, समाज के कमजोर वर्गों को सुविधाएं उपलब्ध कराना और सभी तक विकास का लाभ पहुंचाना ही रामराज्य की भावना है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने विकास कार्यों के साथ गरीबों के जीवन में बदलाव लाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रदेश में 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 65 लाख गरीबों को घर दिए गए, जबकि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से 10 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला।
उन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत दो करोड़ लोगों को रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए। दीपावली पर आयुष्मान और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक-एक मुफ्त सिलेंडर भी दिया गया। इसके अलावा 67 लाख विद्यार्थियों को पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पांच लाख से अधिक बेटियों की शादी कराई गई और प्रत्येक विवाह के लिए एक लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।
411 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने कानपुर में 411 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क चौड़ीकरण, औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विकास, विद्यालयों का निर्माण और शहरी आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्य शामिल हैं।
लोकार्पित प्रमुख परियोजनाओं में राज्य मार्ग संख्या-173 के मंधना-गंगा बैराज-शुक्लागंज-पुरवा-मोहनलालगंज मार्ग के 16 किलोमीटर लंबे हिस्से को दो लेन से चार लेन में बदलने का कार्य शामिल है। इस परियोजना पर 159 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।
इसके अलावा कानपुर नोड में रक्षा गलियारा परियोजना के तहत आंतरिक सड़क, तालाब, चहारदीवारी और अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र सहित अन्य कार्यों पर करीब 26 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। राज्य मार्ग संख्या-40 के लखनऊ-मोहान-बांगरमऊ-नानामऊ-बिल्हौर-बेला-इटावा मार्ग के 5.52 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य भी पूरा होने पर लोकार्पित किया गया। इस पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
विद्यालय, बॉटनिकल गार्डन और सड़क निर्माण की रखी नींव
मुख्यमंत्री ने बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों में कई नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। विकासखंड चौबेपुर के ग्राम बनी और विकासखंड बिधनू के ग्राम खेरसा में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण पर 48 करोड़ 52 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके साथ ही 31 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से बॉटनिकल गार्डन का विकास किया जाएगा। न्यू कानपुर सिटी योजना के तहत 30 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान सड़क के निर्माण की भी आधारशिला रखी गई। इस परियोजना पर 19 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों और सफाईकर्मियों का सम्मान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत जीरो पावर्टी श्रेणी में रीना और दैवीय आपदा श्रेणी में सौरभ यादव को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत आशुतोष पांडेय, जबकि लखपति दीदी योजना के तहत सीमा और रुखसार बानो को सम्मान मिला। स्वदेशी गो-संवर्धन योजना के लाभार्थी प्रियांशु तथा आयुष्मान भारत योजना की लाभार्थी सुषमा कुशवाहा को भी सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत डॉ. दीप्ति तिवारी को प्रमाणपत्र दिया गया।
इसके अतिरिक्त सफाईकर्मी राजपाल वाल्मीकि और शिवम वाल्मीकि को भी मंच पर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
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