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अखिलेश का योगी पर पलटवार, बोले- हम साधु-संत नहीं, हमें गद्दी नहीं कुर्सी चाहिए

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सपा मुख्यालय में चार नेताओं ने थामा पार्टी का दामन, मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाकर आधार से जोड़ने की मांग की; सरकार बनने पर वाल्मीकि जयंती पर अवकाश का वादा

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वे कोई साधु-संत नहीं हैं, उन्हें गद्दी नहीं बल्कि कुर्सी चाहिए। सोमवार को राजधानी स्थित सपा मुख्यालय में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान अखिलेश ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, कानून-व्यवस्था और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और बसपा छोड़कर आए चार नेताओं के पार्टी में शामिल होने से समाजवादी पार्टी का पीडीए परिवार और मजबूत हुआ है।

योगी के बयान पर अखिलेश का जवाब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान कि अखिलेश यादव अब उत्तर प्रदेश की गद्दी पर नहीं बैठ पाएंगे, पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा, ”हम कोई साधु-संत नहीं हैं। हमें गद्दी नहीं, कुर्सी चाहिए।” उन्होंने कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ लगातार लोग जुड़ रहे हैं और आने वाले चुनाव में पार्टी को इसका लाभ मिलेगा।

भाजपा और बसपा के चार नेता सपा में शामिल

अखिलेश यादव ने बताया कि पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान चार नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इनमें बदायूं के दातागंज से भाजपा के दो बार के पूर्व विधायक सिनोद शाक्य, बिसौली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर, चंद्र कुमार मिश्र और पूर्व आईएएस राम बहादुर पासी शामिल हैं। उन्होंने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि इनके आने से पार्टी का पीडीए परिवार और बड़ा हुआ है।

सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक के लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक है और पार्टी में नए नेताओं के शामिल होने से राजनीतिक समीकरण बदलेंगे। अखिलेश ने नए साथियों को आगामी चुनाव के लिए मिलकर काम करने का संदेश भी दिया।

मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप, आधार से जोड़ने की मांग

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नामों की हेराफेरी और दोहराव की शिकायतें अब भी सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के कई जिलों में ‘सुनीता पत्नी राजेश’ नाम से दो हजार से अधिक प्रविष्टियां मिली हैं। उनके मुताबिक, विपक्षी दलों की ओर से आवाज उठाए जाने के बाद ही चुनाव आयोग ने कार्रवाई की।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची में दो या तीन बार दर्ज न हो। अखिलेश ने मतदाता सूची को आधार से जोड़ने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनाव में धांधली की तैयारी कर रही है।

एसआईआर प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल

सपा अध्यक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवालों से डरती है और सवालों से डरने वाली सरकार लोकतंत्र को कमजोर करती है।

अखिलेश ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि मतदाताओं के नामों की जांच पारदर्शी तरीके से हो, ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम न कटे और किसी का नाम अनावश्यक रूप से दोहराया न जाए।

कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना

अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लखनऊ में हुई हत्या और गोरखपुर जेल में हुई संदिग्ध मौतों का जिक्र करते हुए इन्हें सरकार की नाकामी बताया। विवादित होर्डिंग्स को लेकर भी उन्होंने सवाल किया कि इन्हें कौन लगवा रहा है और इनके पीछे किसका पैसा लगा है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।

पांच गरीब महिलाओं को नए घरों की चाबियां सौंपीं

कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने पांच गरीब महिलाओं को नए घरों की चाबियां सौंपीं। उन्होंने गरीबों के लिए पांच लाख रुपये में मकान बनवाकर देने वाले मंतोष यादव को सम्मानित भी किया। सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के लिए काम किया जाएगा और जरूरतमंद परिवारों को सुविधाएं देने पर जोर रहेगा।

वाल्मीकि जयंती पर अवकाश का वादा

महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर अखिलेश यादव ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा और इस अवसर पर बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव, राजेंद्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल समेत पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। राजनीतिक संदेश के लिहाज से अखिलेश यादव ने एक ओर नए नेताओं के पार्टी में शामिल होने को संगठन की मजबूती बताया, वहीं दूसरी ओर मतदाता सूची, चुनाव आयोग और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश की।

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