डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह ने किया उद्घाटन, पशुपालकों को सब्सिडी और उन्नत नस्ल की गायें उपलब्ध कराने पर जोर; युवाओं को पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण देने की योजना
संजीव सिंह, बलिया। जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डेयरी उद्योग को मजबूत बनाने की दिशा में बुधवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। विकास खंड चिलकहर के ग्राम जिगनी खास में स्थित बनास डेयरी का जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गुजरात की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के जनपदों में भी डेयरी सेक्टर और पशुपालन का व्यापक विस्तार किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ किसानों और पशुपालकों की आमदनी में भी वृद्धि होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना है। इसके लिए गांव और ब्लॉक स्तर पर लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाएगी। पशुपालकों को सब्सिडी देने, उन्नत नस्ल की गायें उपलब्ध कराने और कृत्रिम गर्भाधान की आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डेयरी और पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं।
डेयरी उत्पादन का बड़ा केंद्र बनेगा उत्तर प्रदेश
डीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश को डेयरी उत्पादन का बड़ा केंद्र बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर लैब स्थापित की जा रही हैं। इस अभियान में सहकारिता समितियों को भी जोड़ा जा रहा है। डेयरी, पशुपालन और सहकारिता के माध्यम से गांवों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात में डेयरी क्षेत्र के विकास से मिली सीख को प्रदेश के जिलों में भी अपनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
युवाओं को पांच लाख रुपये तक मिलेगा ब्याज मुक्त ऋण
जिलाधिकारी ने युवाओं को नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं का कारोबार शुरू कर उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस ऋण पर चार वर्षों तक ब्याज नहीं देना होगा और इसके लिए किसी गारंटी की भी आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि सरकार इस ऋण की सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक करने पर भी विचार कर रही है।
खेती के साथ डेयरी और पशुपालन अपनाने की अपील
डीएम ने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ आय के अन्य साधन अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान डेयरी, मुर्गी पालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन जैसे व्यवसायों को भी अपनी आजीविका का हिस्सा बनाएं। इससे खेती पर निर्भरता कम होगी और परिवार की आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते खुलेंगे।
उन्होंने गोबर से वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के साथ सीबीजी और बायोगैस प्लांट जैसे उप-उत्पादों पर भी काम करने की जरूरत बताई। उनके मुताबिक, कृषि और पशुपालन से जुड़े संसाधनों का बेहतर उपयोग करके किसान अतिरिक्त आमदनी हासिल कर सकते हैं।
युवाओं के लिए कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रम
जिलाधिकारी ने बताया कि युवाओं को स्वरोजगार और उद्योग स्थापना के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जल्द ही कौशल विकास और प्रशिक्षण सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को व्यवसाय शुरू करने और उद्यम स्थापित करने से जुड़ी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
बनास डेयरी के उद्घाटन के बाद जिलाधिकारी ने परिसर में पीपल का पौधा लगाया। इसके बाद उन्होंने डेयरी फार्म का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान डेयरी क्षेत्र के विकास और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
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