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सागर में जहरीली शराब का कहर, 11 लोगों की मौत, 24 का इलाज, 8 की हालत गंभीर

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सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में कथित जहरीली शराब पीने से मौतों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। बंडा तहसील के आसपास के गांवों में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 24 लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें आठ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी), सागर रेफर किया गया है। घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया समेत वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन ने प्रभावित गांवों में बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान शुरू कर दिया है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट पर है।

शनिवार रात शराब पीने के बाद बिगड़ी हालत

बताया जा रहा है कि शनिवार रात घूघर, नौराज, गूगरा खुर्द, बराज और आसपास के गांवों में कुछ लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके कुछ समय बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें तत्काल बंडा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद कुछ लोगों को मृत घोषित कर दिया।

कई मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सागर रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचे कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ने और मांसपेशियों में अकड़न जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है।

ग्रामीण बोला- साथ शराब पी, फिर तेजी से बिगड़ने लगी हालत

बमुराबेड़ा गांव के रहने वाले रामकुमार दांगी ने बताया कि उनके गांव में भी चार लोगों की मौत हुई है। उनके मुताबिक कुछ लोगों ने एक साथ शराब पी थी, जिसके बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों का शरीर ठंडा पड़ने लगा और हालत गंभीर होते ही उनकी मौत हो गई।

घटना के बाद गांवों में दहशत का माहौल है। लोग शराब पीने वाले अन्य लोगों की भी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दे रहे हैं, ताकि समय रहते उनकी जांच और इलाज किया जा सके।

छह शराब दुकानें सील, सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे

मौतों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। सागर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी ने ग्राम नौराज और गूगरा खुर्द पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। अधिकारियों ने अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज की समीक्षा की और संदिग्ध शराब की आपूर्ति से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

एहतियात के तौर पर क्षेत्र की छह शराब दुकानों को सील कर दिया गया है। अधिकारियों को शराब के नमूने लेकर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। बंडा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

आबकारी विभाग की भूमिका पर भी उठे सवाल

इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय सूत्रों और कुछ शराब ठेकेदारों का दावा है कि क्षेत्र में नकली और अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं।

यह भी कहा जा रहा है कि हाल की बैठकों में लाइसेंसी ठेकेदारों ने अवैध शराब के कारोबार का मुद्दा उठाया था। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।

मृतकों में कई गांवों के लोग शामिल

पुलिस के अनुसार, मृतकों में गूगरा खुर्द, नौराज, पाटन, चौका, दलपतपुर, बमूरा और लिधौरा समेत विभिन्न गांवों के लोग शामिल हैं। मृतकों की पहचान गोलू उर्फ चमन लोधी, दिग्विजय लोधी, करतार सिंह लोधी, उजियार सिंह लोधी, रोशन लोधी, राजेंद्र लोधी, हरनाम राय, उत्तम नत्थू नायक, सुमेर सिंह दांगी, राजकुमार लोधी और सुरेंद्र अहिरवार के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार मृतकों के संबंध में मेडिकल और अन्य जांच की प्रक्रिया जारी है। गोलू उर्फ चमन के पहले से कैंसर से पीड़ित होने की जानकारी भी सामने आई है।

आठ गंभीर मरीज बीएमसी रेफर

गंभीर हालत वाले मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, सागर भेजा गया है। इनमें हरनाम राय, उत्तम नत्थू नायक, मंगल रजक, परम आदिवासी, धनसिंह आदिवासी, चंद्रभान लोधी, अजय लोधी, विनोद और राघवेंद्र लोधी समेत कई लोगों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अन्य प्रभावित लोगों की भी लगातार निगरानी कर रही हैं।

प्रशासन ने लोगों से की विशेष अपील

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोगों से अपील की है कि जिन्होंने पिछले 24 से 48 घंटे के दौरान किसी भी प्रकार की शराब का सेवन किया है, वे लक्षण नहीं होने पर भी एहतियात के तौर पर अपनी जांच कराएं।

प्रशासन ने कहा है कि उल्टी, सिरदर्द, बुखार, शरीर नीला पड़ने, अकड़न या तबीयत बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सिविल अस्पताल पहुंचें।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों की जान बचाना और संदिग्ध शराब के स्रोत तक पहुंचना है। मौतों का वास्तविक कारण मेडिकल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।

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