जन्माष्टमी पर पिता की मौत से घर में पसरा मातम, सात बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
बांदा। घर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां चल रही थीं। परिवार को इंतजार था कि शाम तक पिता घर लौटेंगे और बच्चों के साथ मिलकर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाएंगे। इसी उम्मीद में 10 वर्षीय शिवम ने शुक्रवार सुबह फोन पर अपने पिता से कहा था- “पापा, आज जल्दी घर आना…” लेकिन बेटे की यह मासूम अपील उनके बीच आखिरी बातचीत बन गई। शाम को जिस पिता के घर लौटने का इंतजार था, उनकी मौत की खबर पहुंची तो जन्माष्टमी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।
ट्रक चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे
मामला बांदा जनपद के देहात कोतवाली क्षेत्र के पचनेही गांव का है। गांव निवासी 47 वर्षीय हरिराम यादव ट्रक चालक थे और ट्रक चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। शुक्रवार को वह फतेहपुर से ट्रक खाली कर अपने घर बांदा लौट रहे थे। परिवार में पत्नी मालती देवी के अलावा दो बेटे और पांच बेटियां हैं।
बताया गया कि शुक्रवार सुबह हरिराम के 10 वर्षीय बेटे शिवम ने उन्हें फोन किया था। जन्माष्टमी का पर्व होने के कारण शिवम पिता के घर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। उसने फोन पर पिता से जल्दी घर आने की बात कही थी। पिता ने भी काम पूरा होने के बाद जल्द घर लौटने की उम्मीद जताई थी। हालांकि, कुछ घंटों बाद ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
सड़क पार करते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई
हरिराम दोपहर करीब एक बजे बांदा-टांडा नेशनल हाईवे पर मुंगुस गांव के आगे सिंहवाहिनी ढाबे के पास पहुंचे। उन्होंने अपना ट्रक सड़क किनारे खड़ा किया और किसी काम से नीचे उतरे। इसी दौरान सड़क पार करते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। वह गश खाकर सड़क पर गिर पड़े।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने हरिराम को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिंदवारी पहुंचाया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया
हरिराम की मौत की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। जन्माष्टमी के मौके पर जिस घर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशियां मनाने की तैयारी थी, वहां अचानक मातम पसर गया। जिस बेटे शिवम की आंखें सुबह से अपने पिता के घर लौटने की राह देख रही थीं, उसे यह नहीं मालूम था कि सुबह फोन पर कही गई उसकी बात पिता के साथ आखिरी बातचीत बन जाएगी।
हरिराम अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। ट्रक चलाकर वह पत्नी और सात बच्चों का पालन-पोषण करते थे। उनकी अचानक हुई मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। पति की मौत से पत्नी मालती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों का भी पिता की मौत से बुरा हाल है।
मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा
चिकित्सक डॉ. श्रेयांश गौतम ने प्रथम दृष्टया हरिराम की मौत की वजह हृदयाघात होने की आशंका जताई है। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की आवश्यक कार्रवाई में जुटी है। वहीं, जन्माष्टमी के दिन परिवार ने जिस खुशी और उत्साह के साथ पर्व मनाने की तैयारी की थी, वह एक झटके में गहरे दुख में बदल गई। घर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की जगह अब पिता को खोने का गम और बच्चों के भविष्य की चिंता दिखाई दे रही है।
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