चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के नीचे धरना, किसान, युवा, शिक्षक भर्ती, महंगाई और कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
एसएमयूपीन्यूज,लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले सोमवार सुबह समाजवादी पार्टी (सपा) ने विधानसभा परिसर में भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सुबह करीब 10 बजे सपा विधायक और विधान परिषद सदस्य विधान भवन स्थित पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए और सरकार विरोधी नारे लगाए।
राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा
विधायकों के हाथों में ऐसे पोस्टर थे जिन पर नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा विवाद, शिक्षक भर्ती, पुरानी पेंशन बहाली, महंगाई, किसानों की समस्याएं, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुखता से लिखे गए थे। कई नेता प्रतीकात्मक ‘दान पेटी’ लेकर भी विधानसभा पहुंचे, जिसके जरिए उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
‘सरकार जनता के मुद्दों से भाग रही है’
सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रदेश का किसान, नौजवान और व्यापारी आज सबसे ज्यादा परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनसे बचने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा, “यह सरकार मन से नहीं, दिमाग से चल रही है। इसी सरकार के कार्यकाल में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं का भरोसा टूटा है। सरकार ने सिर्फ चार दिन का विधानसभा सत्र बुलाया है, क्योंकि वह जनता के असली मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहती।”
राम मंदिर चढ़ावा और पेपर लीक पर सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा मामले की निष्पक्ष जांच, युवाओं को रोजगार, लंबित शिक्षक भर्ती, किसानों की समस्याओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सरकार से जवाब मांगा।
सपा एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव ने कहा कि भाजपा ने आस्था के नाम पर भगवान राम का राजनीतिक इस्तेमाल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद सरकार नई और पुरानी एसआईटी बनाकर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
NEET पेपर लीक का भी उठाया मुद्दा
डॉ. मान सिंह यादव ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले दावा किया गया था कि पेपर लीक होना असंभव है, लेकिन बाद में पूरा देश पेपर लीक का गवाह बना। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।
सदन के भीतर भी उठेंगे जनहित के मुद्दे
सपा नेताओं ने कहा कि प्रदेश में किसान, युवा, महिलाएं और आम नागरिक महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। पार्टी इन सभी मुद्दों को विधानसभा के भीतर और बाहर मजबूती से उठाएगी तथा सरकार से जवाब मांगेगी।
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