लखनऊ।उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी के आधार पर प्रतिबंधित नक्सली संगठन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के सक्रिय सदस्य सुनील रविदास उर्फ कमलेश को एटीएस कोर्ट, लखनऊ ने 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
एटीएस के अनुसार, अभियुक्त सुनील रविदास निवासी लक्ष्मणपुर सोगाई, जनपद चंदौली प्रतिबंधित माओवादी संगठन का सक्रिय सदस्य था। उसे 16 अक्टूबर 2016 को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि वह माओवादी विचारधारा को बढ़ावा देने, भारत एवं राज्य सरकार के विरुद्ध छद्म युद्ध छेड़ने तथा हथियार और गोला-बारूद एकत्र कर देश विरोधी गतिविधियों की साजिश में शामिल था।
गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से एक इंसास राइफल, दो खाली मैगजीन और 5.56 बोर के 100 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। इसके अलावा उसकी निशानदेही पर 315 बोर की दो रायफल, तीन एसएलआर की खाली मैगजीन, 126 एसएलआर कारतूस और 315 बोर के 193 कारतूस भी बरामद हुए थे।
इस संबंध में थाना सैयदराजा, जनपद चंदौली में मु0अ0सं0-308/2016 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 121ए, 122 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3/7/25/27 में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना एटीएस ने अपने हाथ में लेकर साक्ष्य जुटाए।
विवेचना के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर एटीएस ने 7 जनवरी 2017 को आर्म्स एक्ट तथा 12 मई 2017 को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान एटीएस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी को आधार मानते हुए एटीएस विशेष न्यायालय, लखनऊ ने अभियुक्त को भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध की तैयारी, प्रतिबंधित हथियारों एवं गोला-बारूद के संग्रह तथा आपराधिक षड्यंत्र का दोषी करार दिया।
न्यायालय ने 1 अगस्त 2026 को फैसला सुनाते हुए अभियुक्त सुनील रविदास उर्फ कमलेश को 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 20,000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया। इस फैसले को एटीएस ने नक्सली गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कानूनी सफलता माना है।
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