होम देश प्रदेश यासीन मलिक समेत 7 आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने...

यासीन मलिक समेत 7 आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश

0
40

नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों के लिए सीमा पार से होने वाली अवैध फंडिंग के मामले में पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक समेत सात आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है।

पाकिस्तान से हवाला के जरिए फंडिंग का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के अनुसार, आरोपियों पर पाकिस्तानी प्रतिष्ठान से हवाला चैनलों के जरिए कथित तौर पर विदेशी फंड हासिल करने और उसका इस्तेमाल अलगाववादी गतिविधियों के लिए करने का आरोप है। अदालत ने मामले में 8,94,87,639 रुपये के कथित अपराध से अर्जित धन यानी ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ का उल्लेख किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह धन विभिन्न माध्यमों से आरोपियों तक पहुंचा, जिसके बाद इसे कथित तौर पर स्थानांतरित, छिपाया, अपने कब्जे में रखा और अलग-अलग गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया।

यासीन मलिक समेत इन आरोपियों पर कसा शिकंजा

यासीन मलिक के अलावा जिन अन्य प्रमुख आरोपियों पर शिकंजा कसा गया है, उनमें कश्मीरी कारोबारी जहूर अहमद शाह वताली, इंजीनियर रशीद (अब्दुल रशीद शेख), शब्बीर अहमद शाह, नवल किशोर कपूर, मसरत आलम भट और ट्राइसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन आरोपियों पर पाकिस्तानी हुक्मरानों और खुफिया तंत्र से हवाला के गुप्त रास्तों के जरिए मोटी रकम हासिल करने का गंभीर आरोप है।

मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत

विशेष एनआईए जज प्रशांत शर्मा ने मामले में पेश किए गए दस्तावेजी और फोरेंसिक साक्ष्यों का संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने माना कि आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। मामले में आरोप स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए आरोपियों की व्यक्तिगत उपस्थिति 30 सितंबर को होनी थी। हालांकि, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण कुछ आरोपियों को अदालत में पेश नहीं किया जा सका। अब अदालत ने ED को निर्देश दिया है कि न्यायिक हिरासत में मौजूद आरोपियों से आरोपों से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए जाएं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।

कौन है यासीन मलिक?

यासीन मलिक जम्मू और कश्मीर का एक प्रमुख अलगाववादी नेता है। यासीन मलिक वर्तमान में नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। वह प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का अध्यक्ष रह चुका है, जो 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीर घाटी में सशस्त्र उग्रवाद का नेतृत्व करने वाला पहला संगठन था। मई 2022 में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने यासीन मलिक को आपराधिक साजिश, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और कश्मीर में आतंकवादी व अलगाववादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

यह भी पढ़े : तमिलनाडु में नवजात बच्चों को मिलेगी एक ग्राम सोने की अंगूठी

यह भी पढ़े : UP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 13 PCS के बाद 35 IPS अफसरों के तबादले, कई कमिश्नरेट और वाहिनियों के बदले कमांडर

यह भी पढ़े : सीएम योगी की अधिवक्ताओं को बड़ी सौगात, पांच लाख तक कैशलेस इलाज

यह भी पढ़े : लोहिया ट्रस्ट की कमान अब अखिलेश के हाथ, शिवपाल की भूमिका बदली

यह भी पढ़े : लोक सेवक की जवाबदेही जरूरी, लोकायुक्त व्यवस्था पर अंकुश का काम करती है: योगी

यह भी पढ़े : BRICS SUMMIT 2026:भारत-चीन रिश्तों को नई दिशा, साझेदारी पर शी का जोर