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हवा में संकट के बीच कैप्टन स्मित की बहादुरी, 174 यात्रियों की सुरक्षा में निभाई अहम भूमिका

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फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए भारतीय पायलट की देशभर में सराहना, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने की जल्द स्वस्थ होने की कामना

नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हवा के दौरान हुई गंभीर घटना के बीच भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और सूझबूझ की देशभर में सराहना हो रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। इस दौरान विमान में सवार 174 यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका बताई जा रही है।

कैप्टन स्मित की बहादुरी की सराहना केंद्रीय नेताओं के साथ-साथ कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए नेताओं ने उनके साहस, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा करते हुए जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने की सराहना

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कैप्टन स्मित मच्छार की सराहना की। उन्होंने कहा कि चाकू लगने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने अपनी सुरक्षा से पहले दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

उन्होंने कहा कि कैप्टन के कदम से सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मदद मिली। नितिन नवीन ने उनके देश सेवा और जिम्मेदारी के प्रति समर्पण को सम्मान देने की बात कहते हुए जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया साहस की मिसाल

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैप्टन स्मित को लेकर कहा कि भारत को उन पर गर्व है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हवा में हुई घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने असाधारण साहस और सूझबूझ दिखाई।

उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में कैप्टन की भूमिका ने विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में मदद की। मुख्यमंत्री ने उनकी बहादुरी को सलाम करते हुए जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

सीएम योगी ने कर्तव्यनिष्ठा को सराहा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कैप्टन स्मित मच्छार के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने मुश्किल परिस्थिति में धैर्य बनाए रखा और विमान में सवार लोगों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने उनके साहस, सूझबूझ और कर्तव्य के प्रति समर्पण को सराहनीय बताते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।

महाराष्ट्र के सीएम ने बताया मुंबई का बेटा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कैप्टन स्मित मच्छार को मुंबई का बेटा बताते हुए उनकी बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में सूझबूझ और हिम्मत का परिचय दिया।

उन्होंने विमान में मौजूद यात्रियों की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि मुश्किल हालात में यात्रियों ने टीम की तरह काम करते हुए स्थिति संभालने में योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कैप्टन के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

राजस्थान, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने भी किया सलाम

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जब कर्तव्य सर्वोच्च प्राथमिकता बन जाता है, तब असाधारण साहस की मिसाल सामने आती है। उन्होंने कैप्टन स्मित की धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी बताया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैप्टन को असाधारण साहस और कर्तव्य के प्रति निष्ठा की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी कैप्टन की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि हवाई संकट के बीच घायल होने के बावजूद कैप्टन ने साहस, धैर्य और सूझबूझ का परिचय दिया और 174 यात्रियों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बिहार और असम के सीएम ने भी की प्रशंसा

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कैप्टन स्मित को कर्तव्यनिष्ठा, साहस और सूझबूझ का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि संकट के समय गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने स्थिति संभालने में भूमिका निभाई और बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कैप्टन स्मित को ‘नया भारतीय आइकॉन’ और ‘निडर हीरो’ बताते हुए उनकी बहादुरी की सराहना की।

पवन कल्याण ने यात्रियों की भूमिका भी बताई

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कैप्टन स्मित को ‘आसमान का असली हीरो’ बताया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे चालक दल और यात्रियों को हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली।

पवन कल्याण ने कहा कि संकट की घड़ी में कैप्टन स्मित खतरे और 174 लोगों की जान के बीच ढाल की तरह खड़े रहे। उन्होंने कैप्टन को भारत का गौरव बताते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

देशभर में हो रही बहादुरी की चर्चा

कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है। कई नेताओं ने अपने संदेशों में उनकी बहादुरी, धैर्य और कर्तव्य के प्रति समर्पण को रेखांकित किया है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात ने इस घटना को व्यापक सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है।

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