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यूपी विधानसभा में पहले दिन शोक प्रस्ताव, दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि के बाद सदन कल तक स्थगित

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सदन में वर्तमान विधानसभा सदस्य आलम बदी और 21 पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त की गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में शोक प्रस्ताव रखा। नेता सदन के साथ ही नेता प्रतिपक्ष समेत सभी दलीय नेताओं ने दिवंगत सदस्यों के प्रति अपनी-अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की।इसके उपरांत विधानसभा अध्यक्ष ने शोक संवेदना व्यक्त करने के साथ ही सदन की कार्यवाही मंगलवार की सुबह 11:00 तक स्थगित कर दी।

मुख्यमंत्री योगी ने सदन में शोक प्रस्ताव रखते हुए कहा कि आजमगढ़ के सपा विधायक आलम बदी का 23 जुलाई 2026 को निधन हो गया। सदन के वह वरिष्ठतम सदस्य थे। 16 मार्च 1936 में उनका जन्म हुआ था। पांचवीं बार चुनकर वह विधानसभा पहुंचे थे। 1996 में पहली बार मध्यावती विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने। कई समितियों के सदस्य थे। वह जनप्रिय नेता थे। समाज में ईमानदार और सादगी के लिए जाने जाते थे। वह जनता के लिए हमेशा उपलब्ध रहते थे। उनके निधन पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। विधानसभा अध्यक्ष जी से आग्रह है कि मेरी शोक संवेदना उनके परिजनों तक पहुंचाई जाए।

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से व्यक्त संवेदनाओं से खुद को सम्बद्ध करता हूं। आलम बदी में इस उम्र में भी युवाओं की तरह उमंग था। बीमारी के कारण उनका इलाज चल रहा था लेकिन वह आगे का विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे। उन्होंने इंजीनियरिंग की शिक्षा हासिल की थी। वह अपने विचारों को लेकर कट्टर थे।मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि उनके निधन से प्रदेश ने एक अच्छा समाजसेवी और राजनेता खो दिया है। उनका जाना अपूर्णीय क्षति है।मंत्री संजय निषाद ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ सदस्य आलम बदी का निधन हम सब के लिए अपूर्णीय क्षति है।

कांग्रेस की नेता विधान मंडल दल आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि आलम बदी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद नौकरी की। समाजसेवा में भी उनकी रुचि थी। उनकी पहचान उनका पद नहीं था बल्कि उनकी सादगी थी। वह इस उम्र में भी समाज के लिए कार्य करते थे। उन्होंने समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने के लिए कौमी एकता संगठन की स्थापना की।अपना दल एस के रामविवास वर्मा और राष्ट्रीय लोकदल के नेता राजपाल सिंह बालियान ने सदन में शोक संवेदना व्यक्त की। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से विनोद सरोज ने कहा कि गरीब और असहायों के लिए कार्य करते रहे।

इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 पूर्व विधायकों के निधन पर शोक संवेदना का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि बलिया के भोला पांडे, आगरा से अमिताभ लवानिया, जगन्नाथ चौधरी, महाराजगंज से राम प्यारे आजाद, अम्बेडकरनगर से गोपीनाथ वर्मा, बिजनौर से यशपाल सिंह, प्रयागराज से राधेश्याम भारती,बाराबंकी से संग्राम सिंह, बलिया से हरिनारायण राजभर, डॉ. भगवद दयाल, जौनपुर से अरुण कुमार मुन्ना, बिजनौर से ओमवती देवी, सहारनपुर से मोहन सिंह, संत कबीरनगर अफसर यू अहमद, अमेठी से तेजभान सिंह, देवरिया से रुद्र प्रताप सिंह, कानपुर देहात से प्यारेलाल शंखवार, बदायूं से ओंकार सिंह, प्रयागराज से राजेंद्र त्रिपाठी, बलरामपुर से हनुमंत सिंह का निधन हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अपनी पार्टी और सरकार की तरफ से शोक संवेदना व्यक्त करता हूं। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने वर्तमान और पूर्व सदस्यों के निधन पर शक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए सदन को आश्वस्त किया कि सदन की ओर से व्यक्त शोक संवेदनाएं उनके परिजनों तक पहुंचाई जाएंगी। इसके साथ ही विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार की सुबह 11 तक स्थगित कर दी गई।

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