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तीन दशक की वर्दी वाली सेवा का सफर पूरा, यूपी पुलिस के 9 वरिष्ठ IPS अफसरों को भावभीनी विदाई

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DGP राजीव कृष्ण ने कहा- ‘सेकंड इनिंग’ के लिए शुभकामनाएं

लखनऊ। यूपी की राजधानी में पुलिस मुख्यालय में अधिवर्षता आयु पूरी कर सेवानिवृत्त होने वाले नौ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। DGP राजीव कृष्ण ने अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और उनके 27 से 34 वर्षों के सेवाकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति कार्यक्षमता और प्रतिभा का अंत नहीं, बल्कि अनुभवों के साथ नई शुरुआत का अवसर है। सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस में सेवा को अपने जीवन का गौरवपूर्ण अनुभव बताया।

ये अफसर आज हुए सेवानिवृत्त

डीजीपी राजीव कृष्ण द्वारा आज अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी मुथा अशोक जैन पुलिस महानिदेशक अग्निशमन एवं आपात सेवायें, यूपी लखनऊ, डा. अखिलेश कुमार निगम पुलिस महानिरीक्षक अपराध अनुसंधान विभाग यूपी लखनऊ, शहाब रशीद खॉ पुलिस उपमहानिरीक्षक यूपी-112 लखनऊ, आलोक प्रियदर्शी अपर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी, सुनीता सिंह पुलिस उपमहानिरीक्षक पीएसी मुख्यालय यूपी लखनऊ, कमलेश कुमार दीक्षित पुलिस उपायुक्त कमिश्नरेट लखनऊ, अरविन्द मिश्र पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन यूपी लखनऊ,हरि गोवन्द पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षण निदेशालय यूपी लखनऊ एवं राम नयन सिंह सेनानायक 49वीं वाहिनी पीएसी गौतमबुद्धनगर के सेवानिवृत्ति के परिप्रेक्ष्य में पुलिस मुख्यालय में विदाई समारोह का आयोजन किया गया।

अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया

पुलिस महानिदेशक, यूपी द्वारा विदाई कार्यक्रम के अवसर पर सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मुथा अशोक जैन, डा. अखिलेश कुमार निगम, शहाब रशीद खॉ, आलोक प्रियदर्शी, सुनीता सिंह, कमलेश कुमार दीक्षित, अरविन्द मिश्र, हरि गोवन्द एवं राम नयन सिंह ने अपने-अपने सम्बोधन में उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रति आभार व्यक्त करते हुये उत्तर प्रदेश पुलिस में सेवा करने को अपने जीवन का गौरवपूर्ण अनुभव बताया तथा पुलिस विभाग में बिताये हुये पलों एवं अनुभवों को साझा किया गया।

राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक, यूपी ने कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में सेवानिवृत्त हो रहे सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उनके परिजनों को सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई देते हुए कहा कि यह एक अद्भुत संयोग है कि अलग-अलग परिवारों से निकलकर, शिक्षा-दीक्षा प्राप्त करने के बाद पुलिस सेवा को अपने कैरियर के रूप में चुनने वाले आप सभी अधिकारी एवं कर्मचारी सेवा के विभिन्न पड़ावों पर एक-दूसरे से जुड़े और आज एक ही दिन विभाग से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। आप सभी ने 30 से 35 वर्ष अथवा उससे अधिक की दीर्घ सेवा के दौरान राष्ट्र, समाज, आमजन तथा उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रति उल्लेखनीय एवं असाधारण योगदान दिया है।

अधिकारियों ने साझा किए सेवा के अनुभव

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में अनेक प्रकार के अनुभव आते हैं—कभी सफलता के, कभी चुनौतियों के, कभी उपलब्धियों के, तो कभी कठिन परिस्थितियों के । यही अनुभव जीवन की सबसे बड़ी सीख बनते हैं। ये अनुभव व्यक्ति को निरंतर सीखने, स्वयं को बेहतर बनाने और परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता प्रदान करते हैं। समय के साथ यही अनुभव हमारे व्यक्तित्व को परिपक्व बनाते हैं और अंततः जीवन की सबसे मूल्यवान एवं यादगार पूंजी बन जाते हैं।डीजीपी ने कहा कि सेवानिवृत्ति का अर्थ किसी व्यक्ति की कार्य करने की क्षमता, ऊर्जा अथवा प्रतिभा का समाप्त हो जाना नहीं है, बल्कि यह जीवन की एक नई शुरुआत है। सेवा के दौरान प्राप्त अनुभव, दक्षता और ज्ञान जीवन की अमूल्य पूंजी हैं, जिनका उपयोग समाज और स्वयं के लिए आगे भी किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि विभागीय एवं सरकारी नियमों के कारण सेवा काल में जो प्रोजेक्ट, सपने अथवा आकांक्षाएँ अधूरी रह गईं, उन्हें आप अपनी ‘सेकंड इनिंग’ में अपने अनुभव, प्रतिभा, ऊर्जा और नई सोच के साथ पूरा करेंगे। यह नया चरण आपके लिए स्वयं को समय देने, अपने अधूरे सपनों को पूरा करने तथा परिवार और समाज के साथ नई ऊर्जा एवं उत्साह के साथ जीवन को आगे बढ़ाने का अवसर होगा। उन्होने अन्त में सेवानिवृत्त हो रहे सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सुखमय, स्वस्थ, समृद्ध एवं सफल होने की कामना की ।

मुथा अशोक जैन का जन्म 30 अगस्त 1966 को गुन्टू में हुआ था

मुथा अशोक जैन का जन्म 30 अगस्त 1966 को गुन्टूर(आंध्र प्रदेश) में हुआ था। वर्ष 1995 में ‘भारतीय पुलिस सेवा’ में चयनित होने के उपरान्त राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए वर्ष 2013 में ‘पुलिस महानिरीक्षक’ के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस महानिरीक्षक रेलवे इलाहाबाद, पुलिस महानिरीक्षक इलाहाबाद जोन, पुलिस महानिरीक्षक सुरक्षा लखनऊ, पुलिस महानिरीक्षक लोक शिकायत एवं पुलिस महानिरीक्षक आगरा परिक्षेत्र के पद पर नियुक्त रहे तथा यहीं से केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर प्रस्थान कर गये, जहाँ पर वर्ष 2017 से 2022 तक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में नियुक्त रहे । केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आने के पश्चात पुलिस आयुक्त वाराणसी, अपर पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ एवं अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन के पद पर नियुक्त रहे तथा यहीं पर जून 2026 में ‘पुलिस महानिदेशक’ के पद पर प्रोन्नत हुये।

मुथा अशोक जैन का 30 साल से अधिक का सेवाकाल

वर्तमान में पुलिस महानिदेशक अग्निशमन एवं आपात सेवाएं, उ0प्र0 के पद पर नियुक्त हैं, जहाँ से आज अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं।मुथा अशोक जैन निष्ठावान, कार्यकुशल एवं सुयोग्य अधिकारी रहे हैं। जिनका 30 वर्षों से अधिक का सेवाकाल अत्यन्त सराहनीय रहा है। मुथा अशोक जैन को स्वतंत्रता दिवस 2007 के अवसर पर वीरता के लिए पुलिस पदक, गणतंत्र दिवस 2010 के अवसर पर वीरता के लिए पुलिस पदक का 1st बार, गणतंत्र दिवस 2011 के अवसर पर दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक, स्वतंत्रता दिवस 2021 के अवसर पर विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक, गणतंत्र दिवस 2023 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 का प्रशंसा चिन्ह (सिल्वर), गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 का प्रशंसा चिन्ह (गोल्ड) एवं स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 का प्रशंसा चिन्ह (प्लेटिनम) से सम्मानित किया गया है।

डॉ. अखिलेश कुमार निगम का 34 वर्षों का सेवाकाल

डॉ0 अखिलेश कुमार निगम का जन्म 05 अगस्त 1966 को जनपद लखनऊ में हुआ था। वर्ष 1992 में ‘प्रान्तीय पुलिस सेवा’ में चयनित हुये। वर्ष 2016 में ‘भारतीय पुलिस सेवा’ में प्रोन्नत होने के उपरान्त राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए वर्ष 2022 में ‘पुलिस उप महानिरीक्षक’ के पद पर प्रोन्नत हुये। इसके उपरान्त पुलिस उप महानिरीक्षक को-ऑपरेटिव सेल लखनऊ, आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन लखनऊ एवं अपराध अनुसंधान विभाग, उ0प्र0 लखनऊ के पद पर नियुक्त रहे तथा यहीं पर वर्ष 2026 में ‘पुलिस महानिरीक्षक’ के पद पर प्रोन्नत हुये, जहाँ से आज अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं।डॉ0 अखिलेश कुमार निगम जी कार्यकुशल एवं लगनशील अधिकारी रहे हैं। जिनका 34 वर्षों का सेवाकाल अत्यन्त सराहनीय रहा है।डॉ0 अखिलेश कुमार निगम को स्वतंत्रता दिवस 2015 के अवसर पर दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक, गणतंत्र दिवस 2023 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक का प्रशंसा चिन्ह (सिल्वर) एवं स्वतंत्रता दिवस 2023 के अवसर पर विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है।

शहाब रशीद खां ने संभाली यूपी-112 की जिम्मेदारी

शहाब रशीद खाँ का जन्म 12 अगस्त 1966 को जनपद मीरजापुर में हुआ था। वर्ष 1994 में ‘प्रान्तीय पुलिस सेवा’ में चयनित हुये। वर्ष 2018 में ‘भारतीय पुलिस सेवा’ में प्रोन्नत होने के उपरान्त राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए वर्ष 2024 में ‘पुलिस उप महानिरीक्षक’ के पद पर प्रोन्नत होने के उपरान्त पुलिस उप महानिरीक्षक यूपी-112 लखनऊ के पद पर नियुक्त हुये, जहाँ से आज अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। शहाब रशीद खाँ निष्ठावान एवं कार्य के प्रति समर्पित सुयोग्य अधिकारी रहे हैं। जिनका 31 वर्षों से अधिक का सेवाकाल अत्यन्त सराहनीय रहा है। शहाब रशीद खाँ 29.11.2007 को वीरता के लिए पुलिस पदक, 03.06.2010 को वीरता के लिए पुलिस पदक का 1st BAR, स्वतंत्रता दिवस 2010 के अवसर पर मुख्यमंत्री का उत्कृष्ट सेवा पदक, 10.05.2012 को वीरता के लिए पुलिस पदक का 2nd BAR, गणतंत्र दिवस 2017 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 का प्रशंसा चिन्ह(सिल्वर), गणतंत्र दिवस 2018 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 का प्रशंसा चिन्ह (गोल्ड), स्वतंत्रता दिवस 2021 के अवसर पर दीर्घ एवं सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक तथा गणतंत्र दिवस 2024 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 का प्रशंसा चिन्ह (प्लेटिनम) से सम्मानित किया गया है।

आलोक प्रियदर्शी ने वाराणसी में संभाली जिम्मेदारी

आलोक प्रियदर्शी का जन्म 23 अगस्त 1966 को पटना (बिहार) में हुआ था। वर्ष 1995 में ‘प्रान्तीय पुलिस सेवा’ में चयनित हुये। वर्ष 2018 में ‘भारतीय पुलिस सेवा’ में प्रोन्नत होने के उपरान्त राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए वर्ष 2025 में ‘पुलिस उप महानिरीक्षक’ के पद पर प्रोन्नत होकर अपर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट गाजियाबाद के पद पर नियुक्त रहे। वर्तमान में अपर पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी के पद पर नियुक्त हैं, जहाँ से आज अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। आलोक प्रियदर्शी कर्मठ, लगनशील एवं सुयोग्य अधिकारी रहे हैं। जिनका 31 वर्षों से अधिक का सेवाकाल अत्यन्त सराहनीय रहा है।आलोक प्रियदर्शी को स्वतंत्रता दिवस 2018 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, यूपी का प्रशंसा चिन्ह (सिल्वर), गणतंत्र दिवस 2020 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, यूपी का प्रशंसा चिन्ह (गोल्ड), गणतंत्र दिवस 2021 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, यूपी का प्रशंसा चिन्ह (प्लेटिनम) एवं स्वतंत्रता दिवस 2024 के अवसर पर दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है।

सुनीता सिंह ने PAC मुख्यालय में दी सेवाएं

सुनीता सिंह का जन्म 29 अगस्त 1966 को जनपद देवरिया में हुआ था। वर्ष 1994 में ‘प्रान्तीय पुलिस सेवा’ में चयनित हुयीं। वर्ष 2019 में ‘भारतीय पुलिस सेवा’ में प्रोन्नत होने के उपरान्त राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए वर्ष 2025 में ‘पुलिस उप महानिरीक्षक’ के पद पर प्रोन्नत होकर पुलिस उप महानिरीक्षक पीएसी मुख्यालय लखनऊ के पद पर नियुक्त हुयीं, जहाँ से आज अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रही हैं। सुनीता सिंह निष्ठावान एवं कार्यकुशल अधिकारी रही हैं। जिनका 31 वर्षों से अधिक का सेवाकाल अत्यन्त सराहनीय रहा है।सुनीता सिंह को स्वतंत्रता दिवस 2023 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 का प्रशंसा चिन्ह (सिल्वर) से सम्मानित किया गया है।

कमलेश कुमार दीक्षित का करीब तीन दशक का सेवाकाल

कमलेश कुमार दीक्षित का जन्म 15 अगस्त 1966 को जनपद कुशीनगर में हुआ था। वर्ष 1997 में ‘प्रान्तीय पुलिस सेवा’ में चयनित हुये। वर्ष 2020 में ‘भारतीय पुलिस सेवा’ में प्रोन्नत होने के उपरान्त राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त रहे। वर्तमान में पुलिस उपायुक्त कमिश्नरेट लखनऊ के पद पर नियुक्त हैं, जहां से आज अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं।कमलेश कुमार दीक्षित परिश्रमी, कुशल एवं कार्य के प्रति समर्पित अधिकारी रहे हैं। जिनका 29 वर्षों से अधिक का सेवाकाल अत्यन्त सराहनीय रहा है।कमलेश कुमार दीक्षित को स्वतन्त्रता दिवस 2020 के अवसर पर दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिये पुलिस पदक, स्वतंत्रता दिवस 2021 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, यूपी का प्रशंसा चिन्ह (सिल्वर) एवं स्वतंत्रता दिवस 2024 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, यूपी का प्रशंसा चिन्ह (गोल्ड) से सम्मानित किया गया है।

अरविन्द मिश्र ने EOW में संभाली जिम्मेदारी

अरविन्द मिश्र का जन्म 12 अगस्त 1966 को जनपद जौनपुर में हुआ था। वर्ष 1997 में ‘प्रान्तीय पुलिस सेवा’ में चयनित हुये। वर्ष 2022 में ‘भारतीय पुलिस सेवा’ में प्रोन्नत होने के उपरान्त राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त रहे। वर्तमान में पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन लखनऊ के पद पर नियुक्त हैं, जहाँ से आज अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं।अरविन्द मिश्र कर्मठ एवं लगनशील अधिकारी रहे हैं। जिनका 29 वर्षों से अधिक का सेवाकाल अत्यन्त सराहनीय रहा है।अरविन्द मिश्र स्वतंत्रता दिवस 2018 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 का प्रशंसा चिन्ह (सिल्वर), वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री, यूपी का कुम्भ सेवा पदक, गणतन्त्र दिवस 2020 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, यूपी का प्रशंसा चिन्ह (गोल्ड), स्वतन्त्रता दिवस 2022 के अवसर पर दीर्घ एवं सराहनीय सेवाओं के लिये पुलिस पदक एवं स्वतन्त्रता दिवस 2023 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, यूपी का प्रशंसा चिन्ह (प्लेटिनम) से सम्मानित किया गया है।

हरि गोविन्द ने प्रशिक्षण निदेशालय में दी सेवाएं

हरि गोविन्द जन्म 25 अगस्त 1966 को जनपद सुलतानपुर में हुआ था। वर्ष 1999 में ‘प्रान्तीय पुलिस सेवा’ में चयनित हुये। वर्ष 2023 में ‘भारतीय पुलिस सेवा’ में प्रोन्नत होकर पुलिस अधीक्षक, प्रशिक्षण निदेशालय लखनऊ के पद पर नियुक्त हैं, जहाँ से आज अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं।हरि गोविन्द परिश्रमी एवं कार्य के प्रति समर्पित अधिकारी रहे हैं। जिनका 27 वर्षों से अधिक का सेवाकाल अत्यन्त सराहनीय रहा है।

राम नयन सिंह का भी लंबा पुलिस सेवाकाल

राम नयन सिंह का जन्म 18 अगस्त 1966 को जनपद सुलतानपुर में हुआ था। वर्ष 1998 में ‘प्रान्तीय पुलिस सेवा’ में चयनित हुये। प्रशिक्षण के उपरान्त राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त रहे तथा अपर पुलिस अधीक्षक सुरक्षा मुख्यालय लखनऊ के पद से केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर प्रस्थान कर गये। प्रतिनियुक्ति से वापस आने के उपरान्त पुलिस उपायुक्त कमिश्नरेट लखनऊ एवं पुलिस अधीक्षक जनपद बहराइच के पद पर नियुक्त रहे। वर्तमान में सेनानायक 49th Battalion PAC गौतमबुद्धनगर के पद पर नियुक्त हैं, जहाँ से आज अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं।राम नयन सिंह निष्ठावान एवं सरल स्वभाव के अधिकारी रहे हैं। जिनका 28 वर्षों से अधिक का सेवाकाल अत्यन्त सराहनीय रहा है।राम नयन सिंह को गणतन्त्र दिवस 2016 के अवसर पर वीरता के लिये पुलिस पदक एवं गणतन्त्र दिवस 2025 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक, यूपी का प्रशंसा चिन्ह (सिल्वर) से सम्मानित किया गया है।

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