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खीर में 20 नींद की गोलियां, फिर मौत… बाथरूम में दफनाया पति का शव, डेढ़ महीने तक उसी घर में रही पत्नी

आगरा की वारदात ने दहला दिया प्रदेश

आगरा। त्तर प्रदेश के आगरा जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के दहतोरा गांव से सामने आई एक वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। जिस घर में पति-पत्नी और दो बेटियां साथ रहते थे, उसी घर के बाथरूम के नीचे पिछले करीब डेढ़ महीने से एक शव दफन था। किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। पुलिस ने जब फर्श तुड़वाया तो नीचे से इंसानी कंकाल मिला। जांच आगे बढ़ी तो सामने आई कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं थी।

बाथरूम में शव को दफनाने के बाद बना दिया फर्श

पुलिस के मुताबिक, मृतक सुरेंद्र (44) की हत्या उसकी पत्नी रूबी ने की। आरोप है कि पहले उसने पति की खीर में 20 से अधिक नींद की गोलियां मिलाईं, फिर मौत होने के बाद शव को बाथरूम में दफना दिया और ऊपर नया फर्श बनवा दिया, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला ने जो बातें बताईं, उन्होंने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।

क्राइम पेट्रोल और फिल्म ‘दृश्यम’ से मिला शव छिपाने का आइडिया

पुलिस पूछताछ में रूबी ने बताया कि वह अक्सर अपराध आधारित टीवी कार्यक्रम ‘क्राइम पेट्रोल’ देखती थी और उसने फिल्म ‘दृश्यम’ भी देखी थी। उसी से उसे शव छिपाने का तरीका सूझा। हालांकि पुलिस अभी इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर रही है और पूरे घटनाक्रम की वैज्ञानिक व फोरेंसिक जांच कर रही है।

रोज शराब, रोज मारपीट… फिर बनाया हत्या का प्लान

पुलिस के अनुसार, रूबी का कहना है कि उसका पति सुरेंद्र लंबे समय से शराब का आदी था। वह अक्सर शराब पीकर घर आता, पत्नी के साथ मारपीट करता और सिलाई करके कमाए गए पैसे भी छीन लेता था। परिवार का खर्च किसी तरह सास की पेंशन और रूबी की सिलाई से चलता था।घटना से दो दिन पहले भी सुरेंद्र शराब के नशे में घर लौटा और पत्नी की पिटाई कर दी। यह सब उनकी बेटी ने भी देखा। इसी घटना के बाद रूबी ने पति को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

खीर में मिलाईं नींद की गोलियां

पुलिस के मुताबिक, 17 मई की रात रूबी ने खीर बनाई और उसमें 20 से ज्यादा नींद की गोलियां मिला दीं। सुरेंद्र ने खीर खाई और गहरी नींद में चला गया। अगले दिन सुबह तक उसकी मौत हो चुकी थी।इसके बाद रूबी ने पहले से बनाई योजना के अनुसार बच्चों और अपनी सास को घर से भिजवा दिया। जब जेठ घर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि सुरेंद्र शराब के नशे में सो रहा है। बेटियां भी यही समझती रहीं कि उनके पिता सो रहे हैं, जबकि उस समय तक उनकी मौत हो चुकी थी।

बाथरूम बना कब्र, ऊपर डलवा दिया नया फर्श

घर खाली होने के बाद रूबी ने शव को बाथरूम में बने गड्ढेनुमा हिस्से में दफना दिया। फिर मिट्टी भरवाई और एक मिस्त्री बुलाकर नया सीमेंट का फर्श बनवा दिया। इसके बाद वह उसी घर में सामान्य तरीके से रहने लगी। किसी को जरा भी संदेह नहीं हुआ कि जिस बाथरूम का इस्तेमाल रोज हो रहा है, उसके नीचे एक शव दफन है।

गुमशुदगी भी दर्ज कराई, पुलिस को करती रही गुमराह

हत्या के बाद शक से बचने के लिए रूबी ने 26 मई को अपने जेठ के साथ थाने जाकर पति की गुमशुदगी भी दर्ज करा दी। उसने पुलिस को बताया कि सुरेंद्र तीन हजार रुपये लेकर कहीं चले गए हैं और मोबाइल घर पर छोड़ गए हैं।पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। जांच के दौरान रूबी हर बार रोने लगती थी, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ।

पुराने केस ने खोला हत्या का राज

घटना का खुलासा एक पुराने ट्रक चोरी के मामले की वजह से हुआ। वर्ष 2017 में सुरेंद्र के खिलाफ दर्ज मुकदमे के सत्यापन के लिए पुलिस उसके घर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने सुरेंद्र के बारे में पूछा तो रूबी ने फिर वही कहानी दोहराई कि वह लापता है।पुलिस द्वारा फोटो लिए जाने के बाद रूबी घबरा गई। उसे लगा कि अब सच सामने आ जाएगा। आखिरकार उसने अपने जेठ अनिल को बुलाकर पूरी घटना बता दी। इसके बाद जेठ ने पुलिस को सूचना दी।

फर्श टूटा तो निकला कंकाल

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बाथरूम का फर्श तुड़वाया। नीचे से सुरेंद्र का कंकाल बरामद हुआ। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर डीएनए जांच के लिए भेज दिया है। डीएनए का मिलान मृतक के भाई से कराया जाएगा, ताकि पहचान का वैज्ञानिक प्रमाण मिल सके।

बार-बार बदलती रही बयान

गिरफ्तारी के बाद रूबी ने पहले कहा कि उसने नींद की गोलियां देकर हत्या की। बाद में बयान बदलते हुए कहा कि पति ने आत्महत्या की थी और घबराकर उसने शव छिपा दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार बयान बदल रही है, इसलिए हर पहलू की जांच की जा रही है।

क्या हत्या में कोई और भी था शामिल?

पुलिस को शक है कि इतनी बड़ी वारदात को अकेले अंजाम देना आसान नहीं था। शव को बाथरूम तक ले जाना, गड्ढे में दबाना, मिट्टी भरना और फिर फर्श बनवाना—इन सभी पहलुओं को देखते हुए जांच इस संभावना पर भी चल रही है कि कहीं आरोपी को किसी अन्य व्यक्ति की मदद तो नहीं मिली।

मेरठ के चर्चित हत्याकांड से हुई तुलना

यह मामला सामने आते ही लोगों को मार्च 2025 का मेरठ का चर्चित हत्याकांड याद आ गया, जिसमें पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर मर्चेंट नेवी में कार्यरत पति सौरभ की हत्या कर शव को ड्रम में सीमेंट भरकर छिपा दिया था। अब आगरा की यह घटना भी शव छिपाने के तरीके को लेकर चर्चा में है। हालांकि दोनों मामलों की परिस्थितियां और जांच अलग-अलग हैं।

विशेषज्ञों की राय: घरेलू हिंसा और नशे की लत बन रही बड़ी चुनौती

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शराब की लत और घरेलू हिंसा कई परिवारों को गंभीर संकट में धकेल रही है। लगातार तनाव, आर्थिक तंगी और शारीरिक उत्पीड़न के कारण कई बार परिस्थितियां हिंसक रूप ले लेती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय रहते काउंसलिंग, कानूनी सहायता और पारिवारिक हस्तक्षेप से गंभीर अपराधों को रोका जा सकता है।मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी परिवार में लगातार हिंसा, नशे की समस्या या मानसिक तनाव हो, तो समय रहते पेशेवर सहायता लेना बेहद जरूरी है। सरकार की मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन 14416 पर विशेषज्ञों द्वारा चौबीसों घंटे परामर्श भी उपलब्ध कराया जाता है।

जांच जारी, कई सवालों के जवाब बाकी

फिलहाल पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी रूबी को गिरफ्तार कर लिया है। फोरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है और डीएनए रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस सनसनीखेज हत्याकांड में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।आगरा की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि जब घरेलू हिंसा, नशे की लत और पारिवारिक तनाव लगातार बढ़ते हैं, तो समय रहते हस्तक्षेप न होने पर उनका अंत कितना भयावह हो सकता है। पुलिस की जांच अभी जारी है और आगे आने वाले साक्ष्यों से इस मामले के कई और पहलुओं से पर्दा उठ सकता है।

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