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यूपी में आंधी-बारिश का कहर: 7 लोगों की मौत, सैकड़ों पेड़-खंभे गिरे

लखनऊ। भीषण गर्मी से जूझ रहे उत्तर प्रदेश में बुधवार रात मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी, बारिश तथा बिजली गिरने की घटनाओं ने पूरे प्रदेश में भारी तबाही मचा दी। कई जिलों में 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स को धराशायी कर दिया। अलग-अलग हादसों में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। सैकड़ों गांवों और शहरों में बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बरेली में तेज आंधी के चलते करीब 200 बिजली के खंभे गिर गए

सबसे अधिक असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में देखने को मिला। बरेली में तेज आंधी के चलते करीब 200 बिजली के खंभे गिर गए, जिससे पूरे जिले में ब्लैकआउट जैसे हालात बन गए। कई इलाकों में रातभर बिजली नहीं रही। यहां एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक दरोगा समेत नौ लोग घायल हो गए। बिजली विभाग की टीमें युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी रहीं।

कई जिलों में बिजली व्यवस्था ध्वस्त

अलीगढ़ में तेज हवाओं के कारण जेके सीमेंट फैक्टरी की चेक पोस्ट भरभराकर गिर गई। मलबे में दबकर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड इंद्रजीत (35) की मौत हो गई। वहीं मुजफ्फरनगर में एक दीवार गिरने से मजदूर की जान चली गई। मेरठ में भी आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। करीब 70 पेड़ उखड़ गए और 100 से अधिक बिजली के खंभे गिरने से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई।

पूर्वांचल में बिजली गिरने से मौतें, सैकड़ों गांव अंधेरे में डूबे

पूर्वांचल के जिलों में भी मौसम का रौद्र रूप देखने को मिला। बलिया, जौनपुर और चंदौली में आंधी के कारण बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। मऊ में बारिश के दौरान बिजली गिरने से मधुबन क्षेत्र के बिंदटोलिया गांव निवासी संजय साहनी गंभीर रूप से झुलस गए। देवरिया के जोगिया गांव में खेत की ओर जा रही 65 वर्षीय अनारी देवी की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई।कौशाम्बी में आंधी और बारिश से जुड़े हादसों में दो लोगों की जान चली गई, जबकि झांसी और मेरठ में भी एक-एक व्यक्ति की मौत की खबर है। कई जिलों में बिजली के तार टूटने और खंभे गिरने से 100 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

मथुरा में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चला तूफान

ब्रज क्षेत्र में भी मौसम का विकराल रूप देखने को मिला। मथुरा में रात करीब आठ बजे 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए तूफान ने भारी तबाही मचाई। दर्जनों पेड़, बिजली के पोल और विज्ञापन होर्डिंग्स धराशायी हो गए। कई सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ और सैकड़ों गांवों की बिजली गुल हो गई।बुलंदशहर में अहमदगढ़ क्षेत्र में एक मकान की छत पर लगा टावर गिर गया। जिलेभर में 300 से अधिक पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए, जिससे कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स भी क्षतिग्रस्त हो गए।

बारिश से गर्मी से मिली राहत

एक ओर जहां आंधी और बारिश ने नुकसान पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत भी मिली। गोरखपुर में बुधवार रात शुरू हुई बारिश गुरुवार सुबह तक जारी रही। करीब छह घंटे तक हुई बारिश के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।मौसम विभाग के अनुसार गोरखपुर में सबसे अधिक 75 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बलिया में 64 मिमी, बाराबंकी और संत कबीर नगर में 48-48 मिमी बारिश दर्ज हुई। सहारनपुर, शामली, बिजनौर और बागपत समेत कई जिलों में तापमान में गिरावट से लोगों ने राहत की सांस ली।

19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 12 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में मौसम का यह बदलाव देखने को मिला है। शुक्रवार को भी प्रदेश के 19 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 12 जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

13 जून के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने लगेगा

मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 जून तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि 13 जून के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने लगेगा और एक बार फिर तापमान में बढ़ोतरी के साथ गर्मी का प्रकोप लौट सकता है।राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा बिजली गिरने की आशंका के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने भी सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

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