लखनऊ । उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद रविवार को मंत्रियों के विभागों का औपचारिक बंटवारा कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने नए और पुराने मंत्रियों को अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी सौंपी है। विभागों के आवंटन के साथ ही सरकार ने आगामी चुनावी और प्रशासनिक रणनीति के संकेत भी दे दिए हैं।
मनोज पांडे को खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग सौंपा
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। यह विभाग प्रदेश में उद्योग, रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। वहीं कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे को खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग सौंपा गया है, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली और राशन व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है।
अजीत सिंह पाल को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग दिया
सरकार ने राज्य मंत्रियों को भी नई जिम्मेदारियां दी हैं। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत सिंह पाल को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग दिया गया है। वहीं सोमेंद्र तोमर को राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग की जिम्मेदारी मिली है।इसके अलावा राज्य मंत्री कृष्णा पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग सौंपा गया है, जबकि कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर को राजस्व विभाग और हंसराज विश्वकर्मा को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो विभागों के इस बंटवारे में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों के साथ-साथ प्रशासनिक अनुभव को भी ध्यान में रखा गया है। माना जा रहा है कि सरकार ने आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है।मंत्रालयों का बंटवारा होने के बाद अब सभी मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों का कार्यभार संभालने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार की प्राथमिकता अब योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता तक सीधा लाभ पहुंचाने पर रहेगी।