लखनऊ। राजधानी के बिजनौर थाना क्षेत्र से गैर-जमानती वारंट (NBW) के तहत गिरफ्तार किए गए अभियुक्त अनुज कुमार यादव उर्फ कुल्ली की जेल में इलाज के दौरान हुई मौत ने अब गंभीर विवाद का रूप ले लिया है। एक ओर पुलिस और जेल प्रशासन इसे स्वास्थ्य संबंधी समस्या बता रहा है, वहीं दूसरी ओर मृतक के परिजनों ने पुलिस हिरासत में मारपीट और मामले को दबाने की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

गिरफ्तारी के दौरान अनुज के साथ बेरहमी से मारपीट की

मृतक की पत्नी महक ने माती चौकी प्रभारी अभिराम शुक्ला और उनकी टीम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गिरफ्तारी के दौरान अनुज के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। परिजनों के मुताबिक, अनुज यादव को मोहनलालगंज क्षेत्र के खुजौली इलाके से गिरफ्तार किया गया था, जहां उनके मामा रामनरेश यादव भी मौजूद थे। मामा का आरोप है कि पुलिस टीम ने अनुज को देखते ही उसके साथ अभद्रता और पिटाई शुरू कर दी थी।

उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए

महक का कहना है कि जब पुलिस अनुज को हिरासत में लेकर गई, तब वह पूरी तरह स्वस्थ था। ऐसे में गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद जेल में उसकी तबीयत बिगड़ना और फिर मौत हो जाना कई सवाल खड़े करता है। परिजनों ने आशंका जताई है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हेरफेर किया जा सकता है, इसलिए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।

पुलिस ने अनुज को उसके मामा के घर से गिरफ्तार किया था

वहीं पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 13 मई 2026 को माननीय एडीजे एससी/एसटी एक्ट कोर्ट, लखनऊ द्वारा मुकदमा अपराध संख्या 86/22 में अनुज कुमार उर्फ कुल्ली के खिलाफ गिरफ्तारी अधिपत्र जारी किया गया था। कोर्ट द्वारा वारंट की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही थी। इसके बाद 16 मई को थाना बिजनौर पुलिस ने अनुज को उसके मामा के घर से गिरफ्तार किया।

मेडिकल परीक्षण कराने के बाद कोर्ट में पेश किया गया

पुलिस के अनुसार अभियुक्त को दोपहर 2:25 बजे गिरफ्तार किया गया और 3:39 बजे सीएचसी सरोजनीनगर में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जिला कारागार भेजा गया। जेल प्रशासन का कहना है कि कारागार में बंदी को जी मिचलाने और खून की उल्टी की शिकायत हुई थी। जेल अस्पताल में उपचार के बावजूद हालत बिगड़ने पर उसे बलरामपुर चिकित्सालय रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

हिरासत में बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल

जेल प्रशासन ने दावा किया है कि अनुज शराब का आदी था और उसके लीवर के दो ऑपरेशन हो चुके थे। बंदी ने स्वयं चिकित्सकों को बताया था कि उसके लीवर में तीन छल्ले पड़े हैं। प्रशासन के मुताबिक स्ट्रेचर पर दिखाई दे रहा खून किसी चोट का नहीं बल्कि खून की उल्टी का था।फिलहाल इस पूरे मामले ने पुलिस कार्रवाई, जेल प्रशासन और हिरासत में बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संभावित जांच पर टिकी हुई है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।

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