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हरियाणा रोडवेज की अनिश्चितकालीन हड़ताल, 260 बसों के पहिये थमे; यात्री परेशान

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हिसार और हांसी डिपो में सुबह चार बजे से कर्मचारियों का चक्का जाम, प्रशासन से वार्ता विफल होने के बाद आंदोलन तेज; मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन

हिसार। हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो में कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शनिवार सुबह से बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गईं। सांझा संघर्ष समिति के आह्वान पर कर्मचारियों ने सुबह चार बजे से अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू कर दिया। आंदोलन के कारण हिसार और हांसी डिपो की करीब 260 बसों का संचालन ठप हो गया है। बसें नहीं चलने से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारियों ने शनिवार तड़के ही डिपो के मुख्य द्वार पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने बसों को बाहर निकलने से रोक दिया। इसके चलते सुबह से ही बसों की आवाजाही बंद हो गई। चंडीगढ़ जाने वाली सुबह की बस को भी कर्मचारियों ने वर्कशॉप और बस स्टैंड से रवाना नहीं होने दिया। अचानक बस सेवाएं बंद होने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

40 दिनों से चल रहा था धरना, वार्ता विफल होने पर बढ़ा आंदोलन

रोडवेज कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पिछले करीब 40 दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। सांझा संघर्ष समिति के नेतृत्व में कर्मचारी लगातार प्रशासन से समस्याओं के समाधान की मांग उठा रहे थे। शुक्रवार शाम को एसडीएम ज्योति मित्तल की अध्यक्षता में प्रशासन और रोडवेज यूनियन के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई, लेकिन बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी।

वार्ता बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन को अनिश्चितकालीन करने का निर्णय लिया। इसके तहत शनिवार सुबह चार बजे से बसों का चक्का जाम कर दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

रात्रि ठहराव भत्ता, टीए और ओवरटाइम भुगतान की मांग

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में रात्रि ठहराव भत्ते का भुगतान, यात्रा भत्ता (टीए) और ओवरटाइम का बकाया शामिल है। कर्मचारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से इन मांगों को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

यूनियन प्रतिनिधियों का कहना है कि कर्मचारियों के लंबित भुगतान और अन्य मांगों को लेकर प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन वार्ता के बावजूद कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। अब मांगें पूरी होने तक धरना और चक्का जाम जारी रहेगा।

बस सेवा बहाल कराने में जुटा रोडवेज प्रशासन

दूसरी ओर, रोडवेज प्रशासन बसों का संचालन दोबारा शुरू कराने के प्रयास कर रहा है। हिसार डिपो के महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने बताया कि स्थिति सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बातचीत की जा रही है।

फिलहाल कर्मचारियों के आंदोलन के कारण हिसार और हांसी डिपो की बस सेवाएं प्रभावित हैं। प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच सहमति नहीं बनने की स्थिति में यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि बातचीत के जरिए कब तक चक्का जाम समाप्त कराकर बस सेवाएं बहाल कराई जा सकेंगी।

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