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शताब्दी वर्ष में बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी का ऐतिहासिक जलवा, सम्मान से बढ़ा गौरव

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पद्मनाभस्वामी मंदिर की भव्य थीम और मां दुर्गा की अलौकिक प्रतिमा ने श्रद्धालुओं को किया मंत्रमुग्ध, शताब्दी सम्मान के साथ प्रतिमा श्रेणी में मिला प्रथम पुरस्कार

प्रयागराज। बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी ने अपने गौरवशाली शताब्दी वर्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर प्रयागराज में अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत किया है। बंगाली वेलफेयर एसोसिएशन और इलाहाबाद दुर्गा पूजा समिति के सहयोग से भारत सेवाश्रम संघ में आयोजित दुर्गा पूजा पारितोषिक वितरण समारोह में बाई का बाग बारवारी को प्रतिष्ठित शताब्दी सम्मान से नवाजा गया। इस उपलब्धि ने समिति के सौ वर्षों के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान को नई पहचान दी।

इस वर्ष दुर्गा पूजा के लिए तैयार किया गया पंडाल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसकी पूरी परिकल्पना केरल के विश्वप्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मंदिर की भव्य स्थापत्य कला और वैभवशाली स्वरूप पर आधारित थी। पंडाल की बारीक सजावट, आकर्षक कलाकारी और भव्य निर्माण ने दर्शकों को मंदिर की वास्तुकला का अनूठा अनुभव कराया। वहीं, मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा और स्वर्णिम आभा से सजे दरबार ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतिमा की कलात्मक प्रस्तुति ऐसी थी कि भक्तों को मां भवानी के साक्षात दर्शन का एहसास हुआ।

पंडाल की थीम में केरल के पद्मनाभस्वामी मंदिर के तहखानों में सुरक्षित अकूत संपदा, बहुमूल्य हीरे-जवाहरात और नाग देवता से जुड़ी मान्यताओं को भी कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया था। इन विशेषताओं ने पंडाल को अन्य पूजा स्थलों से अलग पहचान दिलाई। धार्मिक आस्था के साथ भारतीय मंदिर स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने की इस कोशिश को श्रद्धालुओं और दर्शकों ने खूब सराहा।

समारोह में बाई का बाग बारवारी को शताब्दी सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा हाई बजट श्रेणी में उत्कृष्ट प्रतिमा के लिए समिति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विभिन्न श्रेणियों में मिली शील्ड और प्रमाणपत्र समिति की ओर से राजू द्विवेदी, टीपी मिश्रा, सुब्रतो घोष, अमरीश जैन, सचिन रावत, जय मुखर्जी, जय अग्रवाल और अंकित सिंह सहित अन्य सदस्यों ने ग्रहण किए।

पूजा संयोजक एवं मीडिया प्रभारी लालू मित्तल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल समिति का नहीं, बल्कि उन सभी श्रद्धालुओं, नगरवासियों और शुभचिंतकों का है, जिन्होंने वर्षों से बाई का बाग दुर्गा पूजा की परंपरा, भव्यता और गरिमा को बनाए रखने में सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष में मिला यह सम्मान समिति के लिए विशेष महत्व रखता है। हाई बजट श्रेणी में भव्य एवं उत्कृष्ट प्रतिमा के लिए प्रथम स्थान मिलना पूरे परिवार के लिए गौरव का ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार जताया।

अन्य पूजा समितियों को भी मिले पुरस्कार

दुर्गा पूजा पारितोषिक वितरण समारोह में अलग-अलग श्रेणियों में अन्य पूजा समितियों को भी सम्मानित किया गया। हाई बजट की ‘कमाल की मूर्ति’ श्रेणी में बाई का बाग बारवारी प्रथम रही, जबकि नेता नगर बारवारी और जॉर्ज टाउन बारवारी को संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान मिला।

‘धमाल का पंडाल’ श्रेणी में कटघर बारवारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। शाहगंज बारवारी दूसरे और रामानंद अल्लापुर बारवारी तीसरे स्थान पर रही।

मीडियम बजट की ‘कमाल की मूर्ति’ श्रेणी में महामाया प्रीतम नगर बारवारी ने पहला स्थान हासिल किया। मीरापुर बारवारी को दूसरा, साउथ मलाका को तीसरा, कालिंदीपुरम को चौथा और कीडगंज बारवारी को पांचवां स्थान मिला।

इसी तरह मीडियम बजट की ‘धमाल का पंडाल’ श्रेणी में रामबाग बारवारी प्रथम रही। शास्त्री नगर बारवारी को दूसरा, करेली को तीसरा, झूंसी योजना-2 को चौथा और एनसीआर बारवारी को पांचवां स्थान प्राप्त हुआ। बेहतर आयोजन और व्यवस्थाओं के लिए राजरूप बारवारी तथा भारद्वाजपुरम बारवारी को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन उत्तम कुमार बनर्जी ने किया, जबकि मंच प्रबंधन की जिम्मेदारी सुदीपा मित्रा ने संभाली। शताब्दी वर्ष में मिली इस उपलब्धि से बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी के सदस्यों और श्रद्धालुओं में उत्साह है। समिति ने इस सम्मान को सौ वर्षों से चली आ रही धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के प्रति नगरवासियों के विश्वास और सहयोग का प्रतीक बताया।

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