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गोंडा में 2022 में भाजपा का क्लीन स्वीप, सातों विधानसभा सीटों पर खिलाया कमल

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सदर सीट पर सबसे कांटे की टक्कर, प्रतीक भूषण सिंह ने 6,699 वोटों से दर्ज की थी जीत; मनकापुर और तरबगंज में भाजपा प्रत्याशियों को मिली बड़ी बढ़त

लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भारतीय जनता पार्टी ने गोंडा जिले की सभी सात विधानसभा सीटों पर जीत हासिल कर विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ कर दिया था। मेहनौन से लेकर गोंडा सदर तक भाजपा प्रत्याशियों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को शिकस्त देकर जिले की सभी सीटों पर पार्टी का कब्जा बरकरार रखा। चुनाव परिणामों में जहां कुछ सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की, वहीं गोंडा सदर में मुकाबला काफी करीबी रहा।

जिले की सात विधानसभा सीटों में मेहनौन, कटरा बाजार, कर्नलगंज, तरबगंज, मनकापुर, गोंडा सदर और गौरा शामिल हैं। इन सभी सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। चुनाव परिणामों के लिहाज से तरबगंज और मनकापुर में पार्टी प्रत्याशियों की बड़ी जीत चर्चा में रही, जबकि गोंडा सदर में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

कर्नलगंज में टिकट बदलने के बाद भी भाजपा की जीत

कर्नलगंज विधानसभा सीट पर भाजपा ने चुनाव से पहले मौजूदा विधायक अजय प्रताप सिंह का टिकट काटकर अजय सिंह को मैदान में उतारा था। पार्टी का यह फैसला चुनाव परिणाम में सफल रहा। भाजपा प्रत्याशी अजय सिंह ने समाजवादी पार्टी के योगेश प्रताप सिंह उर्फ योगेश भैया को 35,472 मतों से पराजित किया।

अजय सिंह को 1,08,109 वोट मिले, जबकि सपा प्रत्याशी को 72,637 मत प्राप्त हुए। बहुजन समाज पार्टी के रंजीत 7,764 वोटों के साथ तीसरे और कांग्रेस के त्रिलोकीनाथ तिवारी 3,756 मत पाकर चौथे स्थान पर रहे।

इस सीट का राजनीतिक इतिहास भी खासा दिलचस्प रहा है। अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया यहां से सात विधानसभा चुनावों में पांच बार जीत दर्ज कर चुके हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में की थी। बाद में 1991 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल होकर पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर भी चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ का परिचय दिया।

गौरा में प्रभात वर्मा ने सपा को दी शिकस्त

गौरा विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी प्रभात कुमार वर्मा ने समाजवादी पार्टी के संजय कुमार को करीब 22,974 वोटों से हराया था। प्रभात कुमार वर्मा को लगभग 73,545 मत मिले, जबकि सपा प्रत्याशी के खाते में 50,571 वोट आए। कांग्रेस के राम प्रताप सिंह 31,589 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। वहीं बसपा प्रत्याशी चौधरी रविंद्र प्रताप को 11,016 वोट मिले।

इस सीट पर चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और सपा के बीच रहा। स्थानीय विकास, रोजगार, किसानों की समस्याएं, कानून-व्यवस्था और जातीय समीकरण जैसे मुद्दे चुनाव के दौरान चर्चा में रहे। इन परिस्थितियों के बीच प्रभात कुमार वर्मा ने जीत दर्ज कर भाजपा का कब्जा कायम रखा।

कटरा बाजार में बावन सिंह की लगातार तीसरी जीत

कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी बावन सिंह ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल की थी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के बैजनाथ दुबे को करीब 18,457 मतों से पराजित किया। इससे पहले बावन सिंह 2012 और 2017 के विधानसभा चुनावों में भी इस सीट से जीत चुके थे। वर्ष 2022 में जीत के साथ उन्होंने लगातार तीसरी बार भाजपा का परचम लहराया।

कटरा बाजार क्षेत्र में ब्राह्मण मतदाताओं की अच्छी संख्या के साथ मुस्लिम, क्षत्रिय, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी चुनावी समीकरण को प्रभावित करते हैं। ऐसे में इस सीट का परिणाम जिले की राजनीतिक तस्वीर के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।

मनकापुर में रमापति शास्त्री की बड़ी जीत

मनकापुर विधानसभा सीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता रमापति शास्त्री ने सपा प्रत्याशी रमेश चंद्र गौतम को 42,349 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। रमापति शास्त्री को कुल 1,05,677 मत मिले, जबकि रमेश चंद्र गौतम के पक्ष में 63,328 वोट पड़े। बसपा प्रत्याशी श्याम नारायण को 6,579 मत प्राप्त हुए।

इस सीट पर भाजपा और सपा के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा था। चुनाव प्रचार के दौरान विकास कार्य, रोजगार, किसानों की समस्याएं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे। नतीजों में रमापति शास्त्री ने बड़े अंतर से जीत दर्ज कर क्षेत्र में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत दिखाई।

मेहनौन में भाजपा ने बरकरार रखा कब्जा

मेहनौन विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी विनय कुमार ने समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार नंदिता शुक्ला को 23,218 मतों से हराया था। इस जीत के साथ भाजपा ने लगातार दूसरी बार इस सीट पर अपना कब्जा बनाए रखा।

मेहनौन विधानसभा क्षेत्र वर्ष 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया था। वर्ष 2012 के चुनाव में यहां समाजवादी पार्टी को जीत मिली थी, जबकि 2017 में भाजपा ने सीट पर कब्जा कर लिया। वर्ष 2022 में विनय कुमार की जीत ने भाजपा की स्थिति को और मजबूत किया।

तरबगंज में प्रेम नारायण पांडेय ने बड़े अंतर से मारी बाजी

तरबगंज विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी प्रेम नारायण पांडेय ने सपा के रामभजन चौबे को 53,690 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया था। प्रेम नारायण पांडेय को 1,25,325 वोट मिले, जबकि रामभजन चौबे को 71,635 मत प्राप्त हुए।

इस सीट पर बसपा प्रत्याशी लालजी को 3,751 और कांग्रेस उम्मीदवार त्वरिता सिंह को 2,684 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी की बड़ी जीत ने जिले में पार्टी के मजबूत प्रदर्शन को और स्पष्ट कर दिया। चुनाव के दौरान विकास, रोजगार, किसान समस्याएं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे चर्चा में रहे।

गोंडा सदर में भाजपा-सपा के बीच कांटे की टक्कर

गोंडा सदर विधानसभा सीट जिले की सबसे चर्चित सीटों में शामिल रही। यहां भाजपा प्रत्याशी प्रतीक भूषण सिंह और समाजवादी पार्टी के सूरज सिंह के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला देखने को मिला। अंततः प्रतीक भूषण सिंह ने 6,699 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

प्रतीक भूषण सिंह को कुल 96,528 मत मिले, जबकि सपा प्रत्याशी सूरज सिंह के खाते में 89,829 वोट आए। बसपा उम्मीदवार हम्मद जाकी 5,758 मतों के साथ तीसरे और कांग्रेस प्रत्याशी ताहिर बानो 2,701 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहीं।

इस तरह वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने गोंडा जिले की सभी सात सीटों पर जीत दर्ज कर अपना दबदबा कायम रखा था। कर्नलगंज में प्रत्याशी बदलने के बावजूद जीत, कटरा बाजार में बावन सिंह की हैट्रिक और तरबगंज व मनकापुर में बड़े अंतर से मिली सफलता इस चुनाव के प्रमुख परिणामों में शामिल रही।

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