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योगी कैबिनेट के बड़े फैसले, 17,542 करोड़ से बनेंगे चार नए लिंक एक्सप्रेसवे

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प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवास और कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनेगा, ग्रेटर नोएडा में रोबोटिक्स पार्क को मंजूरी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 सरकारी आवास बनाने, चार नए लिंक एक्सप्रेसवे के विकासकर्ताओं के चयन, लखनऊ-हरदोई में मेगा टेक्सटाइल पार्क और ग्रेटर नोएडा में अत्याधुनिक रोबोटिक्स पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव प्रमुख हैं। इसके अलावा सैनिक स्कूल मैनपुरी के विस्तार और छोटे किसानों एवं उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य पशुधन मिशन को भी मंजूरी दी गई।

हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवास बनेंगे

कैबिनेट ने प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 नए सरकारी आवासों के निर्माण को मंजूरी दी है। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार, इस परियोजना के तहत टाइप-3 श्रेणी के 533 और टाइप-4 श्रेणी के 312 आवास बनाए जाएंगे। इन आवासों पर लगभग 543.4075 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना के लिए 50 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त करने से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा।

सैनिक स्कूल मैनपुरी को मिलेगी 9.524 हेक्टेयर जमीन

मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल में बुनियादी सुविधाओं के विकास और निर्माण कार्यों को गति देने के लिए कैबिनेट ने ग्राम सभा नौनेर की 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह भूमि पुनर्ग्रहण के बाद सैनिक स्कूल सोसाइटी, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। इससे स्कूल में आवश्यक निर्माण कार्य कराने और सुविधाओं के विस्तार का रास्ता साफ होगा।

प्रयागराज में बनेगा ऑडिटोरियम और महिला छात्रावास

प्रयागराज के सिविल स्टेशन क्षेत्र में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास और एक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। इसके लिए नजूल भूखंड संख्या यूईए-3, जिसे किताब घर के नाम से जाना जाता है, की 7,912 वर्गमीटर भूमि नगर निगम प्रयागराज को निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इस जमीन पर दोनों सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इससे शहर में कामकाजी महिलाओं के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए भी स्थान विकसित हो सकेगा।

छोटे किसानों और उद्यमियों को बढ़ावा देगा राज्य पशुधन मिशन

प्रदेश में पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य पशुपालन को आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और वैश्विक व्यापार से जोड़ना है। इसमें विशेष रूप से लघु एवं सीमांत किसानों और पशुधन क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों पर ध्यान दिया जाएगा।

यह राज्य वित्तपोषित योजना होगी। निर्धारित लक्ष्य पूरे करने और संबंधित जांच एवं स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित परियोजनाओं के लिए अनुदान की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इस पहल से पशुपालन के क्षेत्र में नए उद्यमों को प्रोत्साहन मिलने और किसानों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

लखनऊ-हरदोई में 1,000 एकड़ में विकसित होगा टेक्सटाइल पार्क

कैबिनेट ने केंद्र सरकार की पीएम मित्र योजना के तहत लखनऊ-हरदोई सीमा पर विकसित किए जा रहे मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र एवं परिधान पार्क के मास्टर डेवलपर के चयन को मंजूरी दे दी है।

लगभग 1,000 एकड़ यानी 404.69 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाली इस परियोजना के लिए प्राप्त एकमात्र निविदा को स्वीकार करते हुए मैसर्स रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को पसंदीदा बोलीदाता के रूप में चुना गया है। परियोजना की अनुमानित लागत 1,947 करोड़ रुपये है। इसमें भारत सरकार की ओर से निर्धारित प्रावधानों के तहत अधिकतम 500 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है।

टेक्सटाइल पार्क के विकसित होने से वस्त्र एवं परिधान उद्योग से जुड़ी इकाइयों को एकीकृत सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

ग्रेटर नोएडा में बनेगा अत्याधुनिक रोबोटिक्स पार्क

प्रदेश में रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क स्थापित किया जाएगा। कैबिनेट ने लगभग 69.52 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इस परियोजना को मंजूरी दे दी है।

इस पार्क में रोबोटिक्स कंपनियों, तकनीकी नवाचार से जुड़े नए उद्यमों, अनुसंधान संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों को एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका उद्देश्य स्वदेशी रोबोटिक्स विनिर्माण को प्रोत्साहित करना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों के विकास को गति देना और इस क्षेत्र में निवेश एवं अनुसंधान के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है।

इस परियोजना से प्रदेश में उन्नत तकनीक पर आधारित उद्योगों के विस्तार और तकनीकी क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

17,542 करोड़ रुपये से बनेंगे चार नए लिंक एक्सप्रेसवे

प्रदेश के सड़क संपर्क नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए कैबिनेट ने चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन को मंजूरी दी है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण पद्धति के तहत विकसित की जाने वाली इन परियोजनाओं पर लगभग 17,542.06 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इन परियोजनाओं में फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेज, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेज और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेज शामिल हैं।

इन मार्गों के विकसित होने से प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों के बीच सड़क संपर्क बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही राजधानी लखनऊ और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक आवागमन अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। बेहतर संपर्क से औद्योगिक गतिविधियों, माल परिवहन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिल सकता है।

चार परियोजनाओं से रोजगार के बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद

चारों लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के निर्माण और उनसे जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 760 लाख मानव दिवस के रोजगार सृजित होने का अनुमान है। निर्माण कार्यों के दौरान श्रमिकों, परिवहन सेवाओं, निर्माण सामग्री की आपूर्ति और अन्य संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।

कैबिनेट के इन फैसलों में आवासीय सुविधाओं के विस्तार से लेकर औद्योगिक निवेश, आधुनिक तकनीक, पशुपालन और सड़क संपर्क को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विकास तेज होगा और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

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