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आजम खान डासना जेल पहुंचे, 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे; सामान्य बैरक में गुजरेगी पहली रात

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जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गाजियाबाद की विशेष अदालत में किया पेश, अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा; 426.46 करोड़ रुपये की संपत्तियों की कुर्की के बाद हुई गिरफ्तारी

गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान को रविवार को गाजियाबाद की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार शाम रामपुर जिला जेल से रिहा होते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। जौहर विश्वविद्यालय और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेश के अनुसार, आजम खान 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे।

ईडी की टीम रविवार को आजम खान को गाजियाबाद स्थित विशेष पीएमएलए अदालत लेकर पहुंची। एजेंसी ने जौहर विश्वविद्यालय और ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन तथा कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में उनसे पूछताछ के लिए हिरासत मांगी थी। आजम खान के अधिवक्ताओं ने ईडी की कार्रवाई और रिमांड अर्जी का विरोध किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस उन्हें डासना जेल ले गई।

आजम खान के अधिवक्ता दानिश अली ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्होंने कहा कि ईडी ने आगे पूछताछ के लिए उनकी हिरासत मांगी थी।

सामान्य बैरक में रहेंगे आजम खान

डासना जेल पहुंचने के बाद आजम खान को जेल की सामान्य प्रक्रिया के तहत रखा गया। जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा के मुताबिक, पहली बार जेल आने वाले सभी बंदियों के लिए नियम समान हैं। अदालत के आदेश पर आने वाले नए बंदी को नियमानुसार पहले सामान्य बैरक आवंटित की जाती है। रविवार को जेल पहुंचने के बावजूद आजम खान के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। उनके जेल पहुंचने से पहले सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम कर दिए गए थे।

426.46 करोड़ की संपत्तियों की कुर्की के बाद गिरफ्तारी

आजम खान की गिरफ्तारी से एक दिन पहले ईडी ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित 426.46 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि और इमारतों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। एजेंसी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये है। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, आजम खान और अन्य लोगों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई है।

ईडी के मुताबिक, रामपुर के सींगन खेड़ा गांव के जौहर नगर में स्थित विश्वविद्यालय परिसर मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के स्वामित्व में है। एजेंसी का कहना है कि ट्रस्ट की स्थापना और संचालन आजम खान से जुड़ा है और वह विश्वविद्यालय के मानद कुलाधिपति भी हैं।

26 एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच

ईडी ने यह जांच रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज 26 प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। इन मामलों में आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए किसानों की कृषि भूमि जबरन अधिग्रहित की गई थी। एजेंसी के अनुसार, जिला प्रशासन की जांच में यह भी सामने आया था कि सींगन खेड़ा गांव में करीब 34 एकड़ शत्रु संपत्ति पर पट्टा रद्द होने के बावजूद विश्वविद्यालय के लिए कब्जा किया गया था। बाद में जिला प्रशासन के माध्यम से शत्रु संपत्ति के संरक्षक ने यह जमीन वापस ले ली थी।

गौरतलब है कि दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को राहत देते हुए उनकी सजा निलंबित कर दी थी और जमानत मंजूर की थी। इसी मामले में जमानत के बाद आजम खान रामपुर जेल से बाहर आए थे, लेकिन जेल के बाहर पहुंचते ही ईडी ने उन्हें जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिरासत में ले लिया। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के आदेश और जांच के आधार पर आगे बढ़ेगी।

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