होम उप्र न्यूज़ बुलंदशहर की 7 सीटों पर भाजपा का दबदबा, 2027 में किसकी होगी...

बुलंदशहर की 7 सीटों पर भाजपा का दबदबा, 2027 में किसकी होगी जीत?

0
25

2017 और 2022 में भाजपा ने किया क्लीन स्वीप, विधायक अनिल शर्मा के निधन से शिकारपुर सीट खाली

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बुलंदशहर जिला चुनावी लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। जिले में विधानसभा की कुल सात सीटें हैं और पिछले दो विधानसभा चुनावों यानी 2017 तथा 2022 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सभी सीटों पर जीत दर्ज कर विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया था। अब आगामी चुनाव में भाजपा के सामने अपना यह प्रदर्शन दोहराने की चुनौती होगी, जबकि विपक्षी दल जिले में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश करेंगे।

बुलंदशहर जिले की सात विधानसभा सीटों में सिकंदराबाद, बुलंदशहर, स्याना, अनूपशहर, डिबाई, शिकारपुर और खुर्जा शामिल हैं। वर्तमान में सिकंदराबाद से भाजपा के लक्ष्मी राज सिंह, बुलंदशहर से प्रदीप कुमार चौधरी, स्याना से देवेंद्र सिंह लोधी, अनूपशहर से संजय कुमार शर्मा, डिबाई से चंद्रपाल सिंह और खुर्जा से मीनाक्षी सिंह विधायक हैं। वहीं, शिकारपुर सीट इसी साल सितंबर में विधायक अनिल शर्मा के निधन के बाद रिक्त हो गई है।

सिकंदराबाद: भाजपा ने करीब 29 हजार वोटों से दर्ज की जीत

2022 के विधानसभा चुनाव में सिकंदराबाद सीट पर भाजपा के लक्ष्मी राज सिंह ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राहुल यादव को 29,343 वोटों से हराया था। लक्ष्मी राज सिंह को कुल 1,25,644 वोट मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी के खाते में 96,301 वोट आए थे। इस सीट पर कुल 11 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था।

बुलंदशहर: प्रदीप चौधरी ने 25 हजार से अधिक वोटों से मारी बाजी

बुलंदशहर विधानसभा सीट पर भाजपा के प्रदीप कुमार चौधरी ने राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रत्याशी मोहम्मद युनुस को 25,830 वोटों से शिकस्त दी थी। भाजपा उम्मीदवार को कुल 1,27,076 वोट मिले, जबकि रालोद प्रत्याशी को 1,01,246 वोट हासिल हुए। बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशी क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। इस सीट पर कुल 11 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।

स्याना: भाजपा के देवेंद्र लोधी को मिली बड़ी जीत

स्याना विधानसभा सीट पर भाजपा के देवेंद्र सिंह लोधी ने रालोद के दिलनवाज खान को 89,657 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया था। देवेंद्र सिंह लोधी को कुल 1,49,125 वोट मिले, जबकि दिलनवाज खान को 59,468 मत प्राप्त हुए। इस सीट पर कुल आठ प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था।

अनूपशहर: संजय शर्मा ने बसपा प्रत्याशी को हराया

अनूपशहर विधानसभा सीट पर भाजपा के संजय कुमार शर्मा ने बसपा प्रत्याशी रामेश्वर को 77,623 वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी। संजय शर्मा को कुल 1,25,602 वोट मिले थे, जबकि रामेश्वर को 47,979 मत प्राप्त हुए। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रत्याशी केके शर्मा 44,180 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे थे। यहां कुल 11 उम्मीदवारों ने चुनाव में किस्मत आजमाई थी।

डिबाई: भाजपा ने 68 हजार से अधिक वोटों से जीती सीट

डिबाई विधानसभा सीट पर भाजपा के चंद्रपाल सिंह ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी हरीश लोधी को 68,025 वोटों से मात दी थी। चंद्रपाल सिंह को कुल 1,28,640 वोट मिले थे, जबकि सपा उम्मीदवार को 60,615 मतदाताओं का समर्थन मिला। इस सीट पर बसपा और कांग्रेस क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रहीं। चुनाव में कुल सात प्रत्याशी मैदान में थे।

खुर्जा: मीनाक्षी सिंह ने दर्ज की बड़ी जीत

खुर्जा विधानसभा सीट पर भाजपा की मीनाक्षी सिंह ने 2022 के चुनाव में 67,084 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। उन्हें कुल 1,37,461 वोट मिले थे, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी बंशी सिंह को 70,377 वोट प्राप्त हुए थे। बसपा प्रत्याशी विनोद 45,325 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार तुक्की को महज 2,643 वोट मिले और वह चौथे स्थान पर रहे।

शिकारपुर: विधायक के निधन के बाद सीट खाली

बुलंदशहर जिले की शिकारपुर विधानसभा सीट फिलहाल रिक्त है। यहां से भाजपा विधायक अनिल शर्मा का इसी साल सितंबर में निधन हो गया था। 2022 के विधानसभा चुनाव में अनिल शर्मा ने रालोद के प्रत्याशी किरणपाल सिंह को 55,683 वोटों से हराया था। अनिल शर्मा को कुल 1,13,855 वोट मिले थे, जबकि किरणपाल सिंह को 58,172 मत प्राप्त हुए थे। इस सीट पर कुल नौ प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था।

2027 में भाजपा के सामने प्रदर्शन दोहराने की चुनौती

बुलंदशहर की सभी सात सीटों पर लगातार दो विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत जिले में पार्टी की मजबूत स्थिति को दर्शाती है। हालांकि, 2027 के विधानसभा चुनाव में राजनीतिक समीकरण क्या होंगे, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। विपक्षी दलों की रणनीति, उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय मुद्दे चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में बुलंदशहर की सातों सीटों पर आगामी चुनाव में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।

यह भी पढ़े : बकरे की लाश जलाकर खुद को मुर्दा घोषित कराया, पत्नी ने की तेरहवीं; 18 महीने बाद पुलिस ने दबोचा

यह भी पढ़े : नकली पोस्टर से विपक्षी एकता नहीं तोड़ पाएगी भाजपा: अखिलेश

यह भी पढ़े : सीएम योगी की अधिवक्ताओं को बड़ी सौगात, पांच लाख तक कैशलेस इलाज

यह भी पढ़े : लोहिया ट्रस्ट की कमान अब अखिलेश के हाथ, शिवपाल की भूमिका बदली

यह भी पढ़े : लोक सेवक की जवाबदेही जरूरी, लोकायुक्त व्यवस्था पर अंकुश का काम करती है: योगी