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यूपी-112 मुख्यालय में वित्तीय साक्षरता सेमिनार, पुलिसकर्मियों को निवेश के गुर

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सुरक्षित निवेश, बचत, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और रिटायरमेंट प्लानिंग की दी गई जानकारी

लखनऊ। पुलिसकर्मियों को व्यक्तिगत वित्तीय प्रबंधन और सुरक्षित निवेश के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यूपी-112 मुख्यालय में ‘वित्तीय साक्षरता एवं निवेशक जागरूकता’ सेमिनार का आयोजन किया गया। गोमती नगर विस्तार स्थित यूपी-112 मुख्यालय के ‘अभिव्यक्ति हॉल’ में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सहयोगी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

यह कार्यक्रम पुलिस महानिदेशक यूपी-112, उत्तर प्रदेश विनोद कुमार सिंह के मार्गदर्शन में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।

सुरक्षित निवेश और वित्तीय प्रबंधन पर जोर

सेमिनार का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को वित्तीय प्रबंधन के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित निवेश तथा आधुनिक बचत विकल्पों की जानकारी देना रहा। इसके साथ ही वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिसकर्मियों को ऐसे फ्रॉड से बचाव के उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले संबंधित विकल्पों को समझना जरूरी है। वित्तीय योजनाओं में निवेश करते समय जोखिम, बचत की जरूरत और भविष्य की आर्थिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखने की जानकारी भी साझा की गई।

NSE की विशेषज्ञ ने दी व्यावहारिक जानकारी

सेमिनार में एनएसई उत्तर प्रदेश की प्रभारी सीएस श्रुति शर्मा ने पुलिसकर्मियों को वित्तीय प्रबंधन और निवेश से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने स्मार्ट इन्वेस्टमेंट, शेयर बाजार के बुनियादी सिद्धांतों, म्यूचुअल फंड्स और रिटायरमेंट प्लानिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक जानकारी साझा की।

विशेषज्ञ सत्र के दौरान प्रतिभागियों को निवेश से जुड़े बुनियादी पहलुओं को समझने और वित्तीय फैसले सोच-समझकर लेने के लिए जागरूक किया गया। रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समय रहते वित्तीय योजना बनाने के महत्व पर भी चर्चा हुई।

वित्तीय और साइबर धोखाधड़ी से बचाव पर जागरूकता

कार्यक्रम में वित्तीय धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिसकर्मियों को सुरक्षित वित्तीय व्यवहार अपनाने और संदिग्ध निवेश या धोखाधड़ी वाले मामलों से सावधान रहने की आवश्यकता बताई गई।

आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल निवेश संबंधी जानकारी देना नहीं, बल्कि सरकारी एजेंसियों के सहयोग से वित्तीय रूप से जागरूक और साइबर-सुरक्षित समाज के निर्माण में योगदान देना भी है।

अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने लिया हिस्सा

इस ज्ञानवर्धक सत्र में यूपी-112 मुख्यालय के सभी राजपत्रित अधिकारियों, शाखा प्रभारियों और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने भाग लिया। इसके अलावा यूपी-112 की सहयोगी संस्थाओं M/s BEL और We Win के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।

सेमिनार में पुलिसकर्मियों ने वित्तीय प्रबंधन और निवेश से जुड़े विषयों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम को पुलिसकर्मियों के व्यक्तिगत आर्थिक हितों और भविष्य की वित्तीय सुरक्षा से जोड़कर महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।

पुलिसकर्मियों के कल्याण को बताया महत्वपूर्ण कदम

कार्यक्रम के समापन पर पुलिस महानिदेशक यूपी-112 विनोद कुमार सिंह ने आयोजन को पुलिसकर्मियों के कल्याण की दृष्टि से उपयोगी और सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी नियमित रूप से आपातकालीन सेवाओं और जनसुरक्षा की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में उनके व्यक्तिगत वित्तीय प्रबंधन और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम उपयोगी साबित हो सकते हैं।

यूपी-112 मुख्यालय में आयोजित इस सेमिनार के माध्यम से पुलिसकर्मियों को वित्तीय निर्णयों में अधिक जागरूकता बरतने, सुरक्षित निवेश विकल्पों को समझने और वित्तीय धोखाधड़ी से सतर्क रहने का संदेश दिया गया।

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