UGC से जुड़े कानून को वापस लेने और SC/ST Act के कथित दुरुपयोग पर रोक की मांग
सांसद, उनके प्रतिनिधि या केंद्रीय मंत्री से वार्ता होने तक धरना जारी रखने का ऐलान
वाराणसी। सवर्ण समाज की विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे अपनी पूरी टीम के साथ पिछले दो दिनों से धरना स्थल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में सुधार, UGC से जुड़े कथित ‘काले कानून’ को वापस लेने, SC/ST Act के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने और सवर्ण आयोग के गठन की मांग उठाई है।
धरने को संबोधित करते हुए सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि वर्षों से चल रहा संघर्ष अब निर्णायक दौर में पहुंच रहा है और देश में सवर्ण क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज अब अपनी मांगों को लेकर शांत नहीं बैठेगा और उसे न्याय चाहिए।

चौबे ने आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को सभी वर्गों से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ उन लोगों तक पहुंचना चाहिए जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है और आर्थिक आधार को भी इसका महत्वपूर्ण आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उनकी मांग किसी एक वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार और जरूरतमंद लोगों को अवसर उपलब्ध कराने से जुड़ी है।
उन्होंने UGC से संबंधित प्रावधानों को लेकर भी सवाल उठाए और इसे सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के हितों के खिलाफ बताते हुए वापस लेने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने SC/ST Act के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि इससे समाज में आपसी भाईचारे पर असर पड़ रहा है।
सवर्ण आयोग के गठन की मांग
प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण समाज के लिए संवैधानिक सवर्ण आयोग गठित किए जाने की भी मांग रखी। उनका कहना है कि अन्य वर्गों के लिए विभिन्न आयोग मौजूद हैं, ऐसे में सवर्ण समाज की शिकायतों और समस्याओं को सुनने के लिए भी एक उचित संवैधानिक मंच होना चाहिए।

प्रशासन ने ज्ञापन देकर धरना खत्म करने की अपील की
धरना स्थल पर मंगलवार को एसीपी वाराणसी प्रज्ञा पाठक और सिटी मजिस्ट्रेट पुलिस बल के साथ पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन सौंपने और धरना समाप्त करने की अपील की। इस पर सवर्ण समाज के लोगों ने कहा कि वे पहले भी कई बार ज्ञापन दे चुके हैं। अब वे वाराणसी के सांसद, उनके प्रतिनिधि या किसी केंद्रीय मंत्री के साथ सीधे वार्ता चाहते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी ओर से वार्ता के लिए एक प्रतिनिधि तय किया गया है। उनका कहना है कि मांगों पर गंभीर बातचीत होने के बाद ही धरना समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।फिलहाल सवर्ण आर्मी भारत ने धरना अनिश्चितकाल तक जारी रखने का ऐलान किया है। सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि संगठन अपने समाज की मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेगा और इसके लिए लगातार संघर्ष जारी रखा जाएगा।
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