अलवर। राजस्थान के अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के बुटोली गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पतंग लूटने के दौरान 9 वर्षीय बच्चा पुराने बोरवेल में जा गिरा। करीब 400 फीट गहरे बोरवेल में बच्चा लगभग 40 से 50 फीट की गहराई पर फंस गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बच्चे को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। बच्चे के सुरक्षित बाहर आते ही परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार, बुटोली गांव निवासी शीशराम का 9 वर्षीय बेटा भानु सोमवार को पतंग लूटने के लिए खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान उसका पैर एक पुराने बोरवेल के ऊपर रखे पत्थर पर पड़ गया। पत्थर खिसकने से वह अचानक बोरवेल में गिर गया। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर जुट गए और तत्काल पुलिस तथा प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू
शाम करीब 6:30 बजे घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को लगाया गया। अधिकारियों और बचाव दल ने मौके की स्थिति का आकलन करने के बाद बोरवेल के आसपास खुदाई शुरू कराई।
बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए रेस्क्यू टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए थी। उसे ऑक्सीजन और पानी भी पहुंचाया गया, ताकि लंबे समय तक बोरवेल में फंसे रहने के दौरान उसकी स्थिति खराब न हो। जेसीबी मशीनों की मदद से बोरवेल के आसपास सावधानीपूर्वक खुदाई की गई।
पांच घंटे की मशक्कत के बाद मिली सफलता
रेस्क्यू अभियान के दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रियंका रघुवंशी के अनुसार, सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमों को मौके पर भेज दिया गया था। एसडीएम मनीषा रेशम, तहसीलदार मनीष कुमार शर्मा, डीएसपी नरेंद्र कुमार और थाना प्रभारी राजेश कुमार समेत कई अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी करते रहे।
करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात लगभग 11 बजे रेस्क्यू टीम ने भानु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बच्चे के बाहर आते ही मौके पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर बचाव दल का उत्साह बढ़ाया। वहीं, बेटे को सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखों से खुशी और राहत के आंसू छलक पड़े।
चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल भेजा
एएसपी प्रियंका रघुवंशी ने बताया कि बोरवेल से बाहर निकलने के बाद बच्चा स्वस्थ था और बातचीत भी कर रहा था। हालांकि, एहतियात के तौर पर उसे चिकित्सकीय जांच के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद पूरे गांव में राहत और खुशी का माहौल रहा।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों के साथ स्थानीय लोगों ने भी महत्वपूर्ण सहयोग किया। समय पर सूचना मिलने और बचाव कार्य तेजी से शुरू होने के कारण भानु को सुरक्षित बाहर निकालना संभव हो सका।
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