रांची। झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के पास चल रहे धरने के दौरान देर रात पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के पहुंचने से मौके पर हलचल बढ़ गई। अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद छात्रों से बातचीत की।
प्रदर्शनकारी छात्रों के मुताबिक, देर रात पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के पहुंचने के बाद उनसे नाम-पता समेत अन्य जानकारियां ली गईं। छात्र नेताओं ने दावा किया कि अधिकारियों की मौजूदगी का मकसद प्रदर्शनकारियों पर दबाव बनाना था। उनका कहना है कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
छात्र नेता राजेश प्रसाद के अनुसार, एसएसपी, एसपी और डीसी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से बातचीत की और बाद में जेएसएससी सीजीएल अभ्यर्थियों से भी सवाल-जवाब किए। छात्रों ने सरकार से सीआईडी की रिपोर्ट में सामने आए बयानों को अदालत के समक्ष रखने की मांग दोहराई।
मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। भाजपा विधायक राज सिन्हा ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि रात के समय छात्रों को धरनास्थल से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन को कोई कार्रवाई करनी है तो उसे पारदर्शी तरीके से दिन में करना चाहिए।
भाजपा नेता अमर कुमार बाउरी और पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए रात में अधिकारियों के पहुंचने पर आपत्ति जताई। नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।
हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाने के आरोपों को खारिज किया है। सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि पुलिस को प्रदर्शन स्थल पर कुछ बाहरी और संदिग्ध लोगों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसी जानकारी के आधार पर उनकी पहचान और गतिविधियों की जांच के लिए अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।

सीओ शिव शंकर पांडे ने भी स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य धरना समाप्त कराना नहीं था। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर किसी असामाजिक तत्व या शराबी के प्रवेश की आशंका को देखते हुए पुलिस वहां पहुंची थी। प्रशासन छात्रों की सुरक्षा और प्रदर्शन स्थल की व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनकी जानकारी भी जुटाना चाहता है।
फिलहाल छात्र अपनी मांगों को लेकर धरनास्थल पर डटे हुए हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन की ओर से प्रदर्शन स्थल की सुरक्षा और वहां मौजूद लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखने की बात कही गई है।
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