मुंबई। मुंबई के विले पार्ले पश्चिम में मंगलवार रात एक रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग ने हड़कंप मचा दिया। 11 मंजिला इमारत की 11वीं मंजिल पर स्थित दो फ्लैट आग की चपेट में आ गए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में महज 2.5 साल के मासूम अबीर और 23 वर्षीय अंकिता की जान चली गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए।
मुंबई दमकल विभाग को रात करीब 10 बजे आग लगने की सूचना मिली। शुरुआती तौर पर आग को लेवल-1 माना गया, लेकिन महज कुछ मिनटों में स्थिति बिगड़ गई और रात 10:16 बजे इसे लेवल-2 घोषित कर दिया गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की आठ गाड़ियां और विशेष उपकरण मौके पर भेजे गए।
दो फ्लैटों में मचा तांडव
अधिकारियों के मुताबिक, आग 11वीं मंजिल के दो फ्लैटों में बिजली के तारों, एसी यूनिट और सोफा, बिस्तर व रसोई के सामान समेत घरेलू वस्तुओं तक फैल गई। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दमकलकर्मियों को इसे नियंत्रित करने में कई घंटे लग गए। लगातार प्रयास के बाद रात करीब 1 बजे आग पर काबू पाया जा सका।
अस्पताल पहुंचते ही दो को मृत घोषित किया
हादसे के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। कुल आठ लोगों को अस्पताल ले जाया गया। इनमें छह लोगों को नानावती अस्पताल और दो को कूपर अस्पताल में भर्ती कराया गया।नानावती अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, वहां लाए गए छह लोगों में से अबीर और अंकिता को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं पार्थ (32), हिरेन (64), यशस्वी और अभिषेक की हालत स्थिर बताई गई है।कूपर अस्पताल में भर्ती दमकलकर्मी मनोज सोनावणे और घायल शिवम द्विवेदी का इलाज किया गया, जिसके बाद दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
आग कैसे लगी? सवाल अब भी बरकरार
पुलिस अधिकारी आरवी भोसले के मुताबिक, आग 11वीं मंजिल के एक आवासीय फ्लैट से शुरू हुई थी। हालांकि आग इतनी तेजी से कैसे फैली और इसके पीछे असली वजह क्या थी, यह अभी साफ नहीं है।फिलहाल आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर ऊंची इमारतों में आग लगने की स्थिति में सुरक्षा इंतजामों और आपातकालीन निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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