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हंगामे के बीच लोकसभा में पेश हुए दो बड़े बिल, विपक्ष के शोर से सदन 2 बजे तक स्थगित

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के 11वें दिन सोमवार को राम मंदिर चढ़ावा विवाद और नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक-2026 और बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक-2026 पेश किए गए। हालांकि विपक्ष की लगातार नारेबाजी और वेल में आकर प्रदर्शन के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

दोपहर 12 बजे पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कार्यवाही दोबारा शुरू कराई, लेकिन विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और वेल में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन के कारण कार्यवाही नहीं चल सकी। अंततः सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कार्यवाही शुरू होते ही पीठासीन अधिकारी ने सदन को बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने सदस्यों द्वारा दिए गए किसी भी स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। इसके बाद उन्होंने प्रश्नकाल से जुड़े प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर रखने के लिए संबंधित मंत्रालयों के मंत्रियों को आमंत्रित किया।

प्रश्नकाल के दौरान संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे, युवा मामले एवं खेल राज्यमंत्री रक्षा निखिल खडसे तथा कॉरपोरेट कार्य राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने अपने-अपने मंत्रालयों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर रखे।

इसके बाद मंदसौर से भाजपा सदस्य सुधीर गुप्ता ने कॉरपोरेट विधि (संशोधन) विधेयक-2026 पर गठित संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट का हिंदी और अंग्रेजी संस्करण और दलीलें सदन के पटल पर प्रस्तुत किया। इसके बाद सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक-2026 लोकसभा में पेश किया। इस दौरान विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे और कई सदस्य वेल में पहुंच गए। इस दौरान पीठासीन अधिकारी विपक्षी सदस्यों से लगातार शांत रहने और सदन चलने देने की अपील करते रहे।

इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने सदन को बताया कि बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक-2026 के विरोध में लोकसभा नियम 72 के तहत महाराष्ट्र के नंदुरबार से सांसद एडवोकेट गोवाल कागड़ा पाडवी, तमिलनाडु के वेल्लोर से सांसद डीएम कथिर आनंद, पश्चिम बंगाल के जयनगर से सांसद प्रतिमा मंडल, दमदम से सांसद प्रो. सौगत राय, महाराष्ट्र के सांगली से सांसद विशालदादा प्रकाशबापू पाटील, चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी तथा चेन्नई दक्षिण से सांसद डॉ. टी. सुमति उर्फ तामिझाची थंगापंडियन ने ‘नोटिस टू अपोज’ दिया है। पीठासीन अधिकारी ने सदन से इन नोटिसों पर सहमति मांगी, लेकिन सदन ने उन्हें अस्वीकार कर दिया। इसके बाद विधेयक को आगे की प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया गया।

इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक-2026 सदन में पेश किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक बैंकर्स के अभिलेखों से संबंधित साक्ष्य कानून को आधुनिक डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था के अनुरूप बनाने तथा उससे जुड़े प्रावधानों को अद्यतन करने के उद्देश्य से लाया गया है। विधेयक पर चर्चा शुरू होने से पहले डीएम कथिर आनंद और मनीष तिवारी ने फिर से इसका विरोध दर्ज कराया, लेकिन उनके ‘नोटिस टू अपोज’ को सदन ने खारिज कर दिया।

पूरे समय विपक्षी सदस्य राम मंदिर चढ़ावा विवाद और नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर नारेबाजी करते रहे। इस दौरान पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी लगातार सदस्यों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने की अपील करते रहे। इसके बाद लगातार हंगामे और व्यवस्था बहाल नहीं होने के कारण पीठासीन अधिकारी तेन्नेटी ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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