नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना (डीएलवाई)’ को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में योजना के दिशा-निर्देशों को स्वीकृति दी गई। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त 2026 से ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन शुरू होगी।
सरकार ने इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में ₹5,110 करोड़ का प्रावधान किया है। अनुमान है कि इससे दिल्ली की 17 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिलेगा। रक्षाबंधन 28 अगस्त को है और सरकार ने उससे पहले योजना को लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है।कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ प्रेस वार्ता में योजना की औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि सरकार ने महिलाओं से किया गया अपना महत्वपूर्ण वादा पूरा किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ सामाजिक रूप से भी सशक्त करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता को भी बढ़ावा दिया जाएगा। योजना से जुड़ी महिलाओं को बच्चों का स्कूल में नामांकन, अपार आईडी, आभा आईडी, समय पर टीकाकरण, पोषण ट्रैकर पर पंजीकरण, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार, स्वयं सहायता समूहों और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाएगा।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
21 से 60 वर्ष आयु की पात्र महिलाएं योजना का लाभ उठा सकेंगी।
परिवार की वार्षिक आय ₹2.50 लाख तक होनी चाहिए।
योजना प्रारंभिक रूप से तीन वर्ष के लिए लागू की जाएगी।
लाभार्थियों को हर महीने ₹2,500 की सहायता मिलेगी।
भुगतान के दो विकल्प
योजना के तहत महिलाओं को दो विकल्प दिए जाएंगे—
पहला विकल्प:
₹1,500 आरडी/एफडी (Recurring Deposit/Fixed Deposit) में जमा किए जाएंगे।
₹1,000 सीबीडीसी (डिजिटल रुपया वॉलेट) में दिए जाएंगे। इस राशि का उपयोग केवल सरकार द्वारा निर्धारित अनुमत वस्तुओं और सेवाओं की खरीद में किया जा सकेगा।
दूसरा विकल्प:
पूरी ₹2,500 की राशि आरडी/एफडी के रूप में जमा कराई जा सकती है, जिससे महिलाओं को बचत और पूंजी निर्माण के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ
सरकार ने कुछ श्रेणियों की महिलाओं को योजना से बाहर रखा है। इनमें—
पहले से किसी अन्य आर्थिक सहायता या पेंशन योजना का लाभ लेने वाली महिलाएं।
आयकरदाता महिलाएं।
जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वाली महिलाएं।
सरकारी कर्मचारी।
तीन से अधिक जीवित बच्चों की माताएं।
ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है।
ऐसे परिवार जिनका कोई सदस्य केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम अथवा सरकारी संस्थान में कार्यरत है।
चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार।
आपराधिक रिकॉर्ड रखने वाली महिलाएं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा और डॉ. पंकज सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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