शामली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को शामली दौरे के दौरान 581 करोड़ रुपये की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि “सपा और कांग्रेस जिन्ना की उपासक हैं, जबकि हमारी सरकार गन्ना किसानों की सेवा करने वाली सरकार है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय प्रदेश में पलायन, गुंडागर्दी और विकास कार्यों में ठहराव था तथा जनसांख्यिकीय बदलाव की साजिशें हो रही थीं। उन्होंने कहा कि आज शामली पूरी तरह बदल चुका है और तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले शामली की पहचान दहशत और पलायन से जुड़ी थी, जबकि आज यह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे जैसे बड़े सड़क नेटवर्क से जुड़कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख विकास केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में शामली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के सबसे समृद्ध जिलों में शामिल होगा।
मुख्यमंत्री ने बिजली, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज शामली 400 केवी विद्युत केंद्र के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को बिजली आपूर्ति करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी यहां की स्वास्थ्य सेवाओं ने बेहतर कार्य किया।

गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर चीनी उद्योग को नई मजबूती दी है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हैं और गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान 29 चीनी मिलें बंद हो गई थीं, जबकि उनकी सरकार ने उन्हें फिर से चालू कराया। साथ ही उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश चीनी और एथनॉल उत्पादन में देश में अग्रणी है।
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