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580 संरक्षित पक्षियों के साथ अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्कर गिरफ्तार, बिहार, बंगाल और दिल्ली तक फैला था नेटवर्क

एसटीएफ का दावा है कि आरोपी एक संगठित गिरोह का सदस्य

लखनऊ । उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 380 रोज रिंग्ड पैराकीट (तोते) और 200 लाल मुनिया सहित कुल 580 संरक्षित एवं प्रतिबंधित पक्षी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पक्षियों को कैद कर रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सात लोहे के पिंजरे भी जब्त किए गए हैं। एसटीएफ का दावा है कि आरोपी एक संगठित गिरोह का सदस्य है, जो उत्तर प्रदेश के जंगलों से संरक्षित पक्षियों को पकड़कर बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली समेत कई राज्यों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करता था।

एसटीएफ के अनुसार, प्रदेश में लंबे समय से संरक्षित वन्यजीवों और प्रतिबंधित पक्षियों की अवैध तस्करी की सूचनाएं मिल रही थीं। पुलिस महानिदेशक स्तर से मिले निर्देशों के बाद एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को अभिसूचना संकलन और कार्रवाई के लिए लगाया गया था। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अवनीश्वर चन्द्र श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में उपनिरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में टीम गोरखपुर में लगातार निगरानी कर रही थी।

गुप्त सूचना पर घर में मारा छापा

एसटीएफ को सूचना मिली कि सेराज अहमद, निवासी रायगंज उत्तरी, थाना राजघाट, जनपद गोरखपुर, अपने घर में बड़ी संख्या में प्रतिबंधित एवं संरक्षित पक्षियों को रखे हुए है और उनकी तस्करी करता है। सूचना की पुष्टि होने के बाद एसटीएफ ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (Wildlife Crime Control Bureau – WCCB) तथा वन विभाग गोरखपुर की टीम के साथ संयुक्त छापेमारी की।

छापे के दौरान आरोपी के घर से 380 रोज रिंग्ड पैराकीट (तोते), 200 लाल मुनिया तथा सात लोहे के पिंजरे बरामद किए गए। इसके बाद आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में खुला तस्करी के बड़े नेटवर्क का राज

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का सदस्य है, जो संरक्षित एवं प्रतिबंधित पक्षियों की अवैध तस्करी करता है। उसने बताया कि गिरोह के सदस्य बलरामपुर और लखीमपुर के जंगलों से इन पक्षियों को पकड़वाते हैं। इसके बाद उन्हें गोरखपुर लाकर बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और अन्य राज्यों के तस्करों को भारी कीमत पर बेच दिया जाता है।

एसटीएफ को आशंका है कि इस नेटवर्क से कई अन्य तस्कर और बिचौलिए भी जुड़े हैं। अब गिरोह के अन्य सदस्यों, खरीददारों और पूरे सप्लाई नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।

वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत मुकदमा दर्ज

आरोपी सेराज अहमद पुत्र रमजान अहमद, निवासी ग्राम रायगंज उत्तरी, थाना राजघाट, जनपद गोरखपुर के खिलाफ गोरखपुर मुख्यालय रेंज में केस रेंज संख्या 03/2026-27 दर्ज किया गया है। उसके विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 2, 9, 39, 48ए, 49ए, 50 और 51 तथा भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26 के तहत कार्रवाई की गई है।

14 जुलाई को हुई गिरफ्तारी

एसटीएफ ने आरोपी को 14 जुलाई 2026 को दोपहर 3:30 बजे थाना राजघाट क्षेत्र के रायगंज उत्तरी मोहल्ले से गिरफ्तार किया। बरामद पक्षियों को वन विभाग की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। उनकी चिकित्सकीय जांच कराकर सुरक्षित संरक्षण की व्यवस्था की जा रही है।

एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के लिए विभिन्न राज्यों की एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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