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घाघरा नदी चेतावनी बिंदु पर पहुंची, गोंडा में बढ़ा बाढ़ का खतरा; प्रशासन हाई अलर्ट पर

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24 घंटे में 3 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर

गोंडा।जिले में घाघरा नदी का जलस्तर रविवार सुबह 10 बजे चेतावनी बिंदु तक पहुंच गया।जलस्तर बढ़ने के बाद करनैलगंज और तरबगंज तहसील के तटीय गांवों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दिया है।बाढ़ खंड और राजस्व विभाग की टीम अलर्ट मोड पर है तथा तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।रविवार सुबह 10 बजे तक घाघरा नदी में कुल 89343 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।इसमें गिरजा बैराज से 48500 क्यूसेक, शारदा बैराज से 39395 क्यूसेक और सरयू बैराज से 1488 क्यूसेक पानी शामिल है।

गिरजा बैराज से सबसे अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।पिछले 24 घंटे में घाघरा नदी का जलस्तर 3 सेंटीमीटर बढ़ा है और अब यह चेतावनी बिंदु तक पहुंच चुका है।हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से 1.7 मीटर नीचे बह रही है,परन्तु बढ़ते जलस्तर से तटबंधों पर दबाव बढ़ने लगा है।बाढ़ खंड विभाग के अधिकारी संवेदनशील स्थानों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।

अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।उन्होंने बताया कि सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और तटीय क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।प्रशासन का अनुमान है कि बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण शाम तक जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।

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