लखनऊ। पुलिस महानिदेशक पीएसी उत्तर प्रदेश आलोक सिंह ने 41वीं वाहिनी पीएसी, गाजियाबाद का विस्तृत भ्रमण एवं निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए जवानों से संवाद किया और सुरक्षा, अनुशासन तथा प्रशिक्षण संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान डीजी पीएसी ने वाहिनी के सभी महत्वपूर्ण मोर्चों का निरीक्षण किया तथा जवानों से ‘आर्क ऑफ फायर’ के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली
उन्होंने क्वार्टर गार्ड की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन कर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की।इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों, वाहिनी अस्पताल तथा परिसर में स्थापित सेनेटरी नैपकिन मेकिंग मशीन का निरीक्षण किया। इस दौरान उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता पर दिया जोर
पुलिस महानिदेशक ने पी.एम.एस. तथा निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पोर्ट्स हॉस्टल का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया।
सैनिक सम्मेलन में सुनी जवानों की समस्याएं
निरीक्षण कार्यक्रम के बाद मनोरंजन कक्ष में सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें डीजी पीएसी ने जवानों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्मिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे जवानों का मनोबल उच्च बना रहे।
अर्बन नक्सलवाद और सोशल मीडिया को लेकर दिए विशेष निर्देश
अपने संबोधन में आलोक सिंह ने सभी कार्मिकों को सोशल मीडिया पॉलिसी का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी। उन्होंने शारीरिक दक्षता, प्रशिक्षण और एबीसी कोर्स पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही वर्तमान समय में उभरती चुनौतियों का उल्लेख करते हुए जवानों को अर्बन नक्सलवाद जैसी गतिविधियों के प्रति सतर्क और सजग रहने को कहा।इस अवसर पर कल्पना सक्सेना, डॉ. दिनेश यादव, डॉ. एम.पी. सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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