नई दिल्ली। देश के पांच अहम राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में हुए विधानसभा चुनावों की तस्वीर आज साफ होने जा रही है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में हुए मतदान की गिनती सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई है। सबसे पहले पोस्टल बैलट की गिनती की जा रही है, जिसके बाद ईवीएम के वोटों की गणना होगी। देर शाम तक नतीजों की पूरी तस्वीर सामने आने की संभावना है, जिस पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है।
उपचुनाव के परिणाम भी आज ही घोषित किए जाएंगे
इसी के साथ पांच राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम भी आज ही घोषित किए जाएंगे। ये वे सीटें हैं जहां विधायकों के निधन के बाद चुनाव कराए गए थे। इनमें गोवा की पोंडा, कर्नाटक की बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण, नागालैंड की कोरिडांग, त्रिपुरा की धर्मनगर, गुजरात की उमरेठ और महाराष्ट्र की राहुरी व बारामती सीट शामिल हैं।इस बार चुनाव प्रक्रिया में तकनीकी नवाचार भी देखने को मिले हैं। रिकॉर्ड मतदान के साथ लाइव वेबकास्टिंग और हाईटेक निगरानी व्यवस्था ने चुनाव को और पारदर्शी बनाया है। नतीजों से यह तय होगा कि किन राज्यों में कौन सी पार्टी या गठबंधन सत्ता में आएगा और इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिलेगा।
सबसे ज्यादा निगाहें पश्चिम बंगाल पर टिकी
सबसे ज्यादा निगाहें पश्चिम बंगाल पर टिकी हैं, जहां एक्जिट पोल में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त मिलती दिख रही है। यदि ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो तृणमूल कांग्रेस की सरकार को बड़ा झटका लग सकता है और ममता बनर्जी के नेतृत्व पर असर पड़ेगा। वहीं, केरल में भाजपा के लिए चुनौती बरकरार मानी जा रही है।तमिलनाडु में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है, जबकि असम में भाजपा की वापसी के संकेत मिल रहे हैं, जिससे हिमंत बिस्वा सरमा की स्थिति मजबूत हो सकती है। पुडुचेरी में एन. रंगासामी के नेतृत्व वाले गठबंधन के सत्ता में बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
मतगणना केंद्रों पर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध
पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय विधानसभा की 293 सीटों के लिए 77 केंद्रों पर मतगणना हो रही है। दक्षिण 24 परगना जिले की फलता सीट पर गड़बड़ी के चलते मतदान रद्द कर दिया गया था, जहां 21 मई को दोबारा वोटिंग होगी। सुरक्षा के लिहाज से व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने अतिरिक्त पर्यवेक्षकों की तैनाती के साथ तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। मतगणना केंद्रों पर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध है और पहली बार क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली भी लागू की गई है, ताकि अनधिकृत प्रवेश को रोका जा सके।
