लखनऊ । सोशल मीडिया के दौर में एक ओर जहां भावनात्मक तनाव तेजी से बढ़ रहा है, वहीं तकनीक और पुलिस की सतर्कता मिलकर जीवन बचाने का बड़ा माध्यम भी बन रही है। ऐसा ही एक संवेदनशील और प्रेरक मामला सामने आया है, जहां Meta Platforms के अलर्ट और यूपी पुलिस की फुर्ती से दो युवकों की जान बचा ली गई।यह दोनों घटनाएं Bareilly और Varanasi की हैं, जहां युवकों ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़े वीडियो पोस्ट कर अपनी जीवन लीला समाप्त करने की बात कही थी।
बरेली: 15 मिनट में पहुंची पुलिस, युवक को बचाया
28 मार्च 2026 को बरेली के आंवला क्षेत्र में एक 20 वर्षीय युवक ने “आज मेरा आखिरी दिन है” लिखकर इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया। शाम 4:18 बजे मेटा की ओर से अलर्ट मिलते ही पुलिस हरकत में आई और महज 15 मिनट के भीतर युवक के घर पहुंच गई।मौके पर युवक ने अपने हाथ पर ब्लेड से कट लगाए थे और कीटनाशक भी पी लिया था। पुलिस ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। पूछताछ में युवक ने प्रेम प्रसंग में तनाव को इस कदम की वजह बताया।
वाराणसी: 17 मिनट में कार्रवाई, मौत के मुंह से खींचा बाहर
29 मार्च की रात 1:45 बजे वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र में 19 वर्षीय युवक ने “आज आखिरी रात है” लिखकर इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया। अलर्ट मिलते ही पुलिस टीम 17 मिनट में उसके घर पहुंच गई।
पुलिस ने देखा कि युवक कीटनाशक घोलकर पीने ही वाला था। तत्परता दिखाते हुए पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ से ग्लास छीन लिया और परिजनों के सहयोग से उसकी जान बचाई।
वजह: प्रेम संबंध और मानसिक तनाव
दोनों ही मामलों में सामने आया कि युवक प्रेम संबंधों में तनाव और भावनात्मक टूटन के कारण अवसाद में थे, जिसने उन्हें इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
पुलिस की भूमिका और काउंसलिंग
दोनों युवकों को बचाने के बाद पुलिस ने उनकी काउंसलिंग कर उन्हें समझाया और भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी। युवकों ने भी दोबारा ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया।यह घटनाएं बताती हैं कि समय पर तकनीकी अलर्ट और पुलिस की सक्रियता से बड़ी त्रासदियों को रोका जा सकता है। साथ ही यह भी जरूरी है कि समाज, परिवार और मित्र समय रहते युवाओं की मानसिक स्थिति को समझें और उन्हें भावनात्मक सहारा दें।
